Love Shayari

Doston swagat hai aap sabhi ka shayari ki dukan me jahaan hum aapse share kar rahe hain 100 se bhi zyada love shayari . Aasha karte hain aapko yeh sabhi shayari pasand aayegi . Shayari yahan aapko kaisi lagi yeh hame in aap jarur bataiyega .

love shayari

1)महसूस कुछ यूँ किया है
पी रहा हूँ अमृत
जिसका जिक्र हमने आज
पहली ही दफा किया है
अब जैसे हर पल को
खुल के जिया है
किस्सा कुछ ऐसा ही है हमारा
हिस्सा हो चुके हैं हम तुम्हारा
बड़ी खुबसूरत है हमारी जहाँआरा

2)तसवीरें बोल पड़ेंगी
तकदीरें जाग उठेंगी
बजने लगेंगी शहनईयां
लुट जाएूँगी तनहाइयां
जब जब नज़रें तुम्हारी
हम से मुलाकातें करेंगी
आदतें हमारी तुम पहचानती हो
दूरियां हैं क्यूँ यह भी जानती हो
और क्या चाहे खुद से
जब तुम हमें अपना मानती हो

3)संभाला तुम्ही ने अपने आँचल में
मेरी हर हार के बाद
आयी तेरे होठों पे मुस्कान
मेरे सूखे प्याले में भर जाए
खुशियाँ कुछ ऐसे थे मेरे अरमान
हाँ में था नादान
मुझे इल्म ही न था
तू ही है मेरी सच्ची कदरदान
संभाला तुम्ही ने अपने आँचल में
बाँधा मेरी हर बूँद को बरसाती बादल में
इस दफा कुछ ऐसा बरसूँगा
हारू या जीतू मैं बस झूमूँगा

22 Jun

और हमने तेरी खातिर

परिंदे आकाश में फिरते
कुछ इस धरती की
पनाह में बसते
सपने रातों के उजाले में हैं निकलते
अपनी एक अलग सी
दुनिया को वो हैं रचते
यहाँ हर किसी ने
अपने एक जहां बसा रखा है
और हमने तेरी खातिर
अपने सपनो को भी सुला रखा है

22 Jun

इज़ाज़त आपकी चाहते हैं

हुजूर कहिए
यूँ चुप तो न रहिए
हमारी तारीफों को ज़रा सी
तवज्जो तो दीजिये
बस इतना सा रहम इस
दीवाने पे कीजिए
इज़ाज़त आपकी चाहते हैं
कुछ लिखने से पहले
बस आपको मुस्कुराते
देखना चाहते हैं
घर से निकलने से पहले

22 Jun

रहती हो हमारी धडकनों में

शरारती हो अंदाज-ए-बयान
और पूछे वो रहते हो कहाँ
बेझिझक पर्दा शर्म का उठाओ
और कहदो ज़रा सूरत तो दिखलाओ
आइना हमारी आँखे बन जाएगी
जब भी तुम बन संवर
झूठ झूठ इतराओगी
जब बिच्देंगे हम तुम
कल कब मिलोगी
यह जरुर बतलाओगी
बेहिसाब बारिश के मौसम में
इन्रधनुष सी खिलखिलाओगी
कया मुझसे ये वािे निभाओगी
रहती हो हमारी धडकनों में
कल तुम सब को बतलाओगी

22 Jun

महसूस हमने किया

सामने तुम्हारा हैं बैठे
कुछ दिल में है
पर यूँ ही कैसे कहते
तुम बेसब्री से इंतज़ार में डूबी हो
तुम हर पल मेरी बातों में गूंजी हो
जानकर हैरान हो रही
झूठ मूठ आँख मूँद सो रही
अपने ख्यालो में
कुछ अनसुलझे सवालों में
जबसे हमें शामिल है किया
नजदिकियाँ होती हैं कया
महसयस हमने किया

22 Jun

आओ बीती बातों को

मिठास जो मेरी बोली में होती
मेरे और उसके कदमो के बीच
में इतनी दूरी ना होती
जब जब अपनी पलके उठाती
मुझे अपने सामने पाती
बस इतना सा ख्वाब ही तो वो
दिन भर अपनी आँखे में है सजाती
तो फिक्र क्यूँ औरों की करें
जब जिक्र हम तुम
आपस में कया करें
आओ बीती बातों को
हम रफा दफा करें

22 Jun

मंजिल मिल चुकी थी

जाने अनजाने
किसी से गुफ्तगू कर ली
फिर बातों बातों में
दोस्ती कर ली
प्यार के रंग में डूबे जा रहे थे
कसमे -वादे निभाना चाह रहे थे
दोनों अपनी ही बस्ती में खुश थे
भीड़ में थे पर वो गुम थे
हर पल में उनके एक अजब सी
मस्ती घुल चुकी थी
शायद दोनों को अपनी अपनी
मंजिल मिल चुकी थी

22 Jun

बंधन में बंधे हैं

काजल से सजी आँखों में
नज़रें तुम्हारी
कुछ ऐसी सज रही हैं
की कह रहे हैं कुछ
और आप हैं की कुछ
और ही समझ रही हैं
बंधन में बंधे हैं
जहा नियम बड़े कड़े हैं
तेरे इंतज़ार में ना जाने
कब से यही खड़े हैं

22 Jun

मेरा मैं न जाने कहाँ चला गया

देखना उन्हें चाहते हो
जो देख नहीं सकते
जानना उन्हें चाहते हो
जो बन नहीं सकते
उनका हाथ थामने को
बेक़रार बैठे हैं
कुछ उनकी याद में
उदास उदास हैं
भूलने की कोशीश बेकार है
उनका नाम लिया तो
ज़िंदगी भी उड़ने को तैयार है
वरना भटकने में गजुरते
यूँ ही दिन रात हैं
मैं उन्ही से मिलने की खातिर
उस आस्मां की और ताक रहा था
उनको पाने की खातिर
मन को अपने खंगाल रहा था
ना जाने कब समां बदल गया
मेरा मैं न जाने कहाँ चला गया
कब कैसे मैं
उनकी शरण आ गया

22 Jun

इश्क की इन गलियों में

जिन गलियों से गुजरने की
ख्वाहिश लिए चले जा रहे थे
जिस दुपट्टे के सरकने से
हम मचले जा रहे थे
आज उन्ही गलियों में
उसी दुपट्टे के सगं
उड़ने की चाहत
मेरे दिल में यूँ घर कर गयी
इश्क की इन गमलयों में जब
तू मेरी आँखे नम कर गयी
कल रात तमु चुपके से
हमें दुआ सलाम कर गयी

22 Jun

ऐसी दूरी सह न पाएंगे

इंतज़ार की इंतज़ार
करते करते इन्तेहाूँ हो गयी
बाज़ार में खरीददारी
करते करते शाम हो गयी
घंटो राह में आँखे बिछाये थे बैठे
सोच रहे थे
आजकल चुप चुप क्यूँ हैं रहते
भला हमसे अपने दिल की बात
क्यूँ नहीं हैं कहते
वक़्त अब गुजरता नहीं
तू संग है पर
पहले सी मस्तियाँ क्यूँ नहीं
आँखे शरारती अब क्यूँ नहीं
मुझसे शिकायते भला क्यूँ नहीं
ऐसी दूरी सह न पाएंगे
मजाक में भी हम तुमसे
रूठ नहीं पाएंगे