Love Shayari

Doston swagat hai aap sabhi ka shayari ki dukan me jahaan hum aapse share kar rahe hain 100 se bhi zyada love shayari . Aasha karte hain aapko yeh sabhi shayari pasand aayegi . Shayari yahan aapko kaisi lagi yeh hame in aap jarur bataiyega .

love shayari

1)महसूस कुछ यूँ किया है
पी रहा हूँ अमृत
जिसका जिक्र हमने आज
पहली ही दफा किया है
अब जैसे हर पल को
खुल के जिया है
किस्सा कुछ ऐसा ही है हमारा
हिस्सा हो चुके हैं हम तुम्हारा
बड़ी खुबसूरत है हमारी जहाँआरा

2)तसवीरें बोल पड़ेंगी
तकदीरें जाग उठेंगी
बजने लगेंगी शहनईयां
लुट जाएूँगी तनहाइयां
जब जब नज़रें तुम्हारी
हम से मुलाकातें करेंगी
आदतें हमारी तुम पहचानती हो
दूरियां हैं क्यूँ यह भी जानती हो
और क्या चाहे खुद से
जब तुम हमें अपना मानती हो

3)संभाला तुम्ही ने अपने आँचल में
मेरी हर हार के बाद
आयी तेरे होठों पे मुस्कान
मेरे सूखे प्याले में भर जाए
खुशियाँ कुछ ऐसे थे मेरे अरमान
हाँ में था नादान
मुझे इल्म ही न था
तू ही है मेरी सच्ची कदरदान
संभाला तुम्ही ने अपने आँचल में
बाँधा मेरी हर बूँद को बरसाती बादल में
इस दफा कुछ ऐसा बरसूँगा
हारू या जीतू मैं बस झूमूँगा

17 Jun

एक दूजे में गुम

किसी दिन नदी के किनारे
हम होंगे बस तुम्हारे सहारे
कह रहे होंगे आरज़ू अपनी
बैठे बैठे तुम्हारे सिराहने
काजल को अपनी
बादलों पे उड़ेल दो
ज़रा बरखा की
कलाइयों को खोल दो
भीगेंगे फिर हम तुम
और हो जायेंगे
एक दूजे में गुम

17 Jun

जब साथ रहेंगे

जब साथ रहेंगे

चुप ना रहेंगे

कुछ भी कहेंगे

रात भर जगेंगे

दिल की सुनेंगे

जागती आँखों से

सपने हम बुनेंगे

हर ताल पे थिरकेंगे

दिल हमारे कुछ

यूँ ही धडकेंगे

जब साथ रहेंगे

भला हम तुम

फिर कययूँ तड़पेंगे

16 Jun

हिम्मत तुम्हारी ही थी

आज फिर पंख अपने संभल रहे हैं
उड़ने की चाहत है
उस आस्मां को निहार रहे हैं
मोहब्बत किस अदा का नाम है
जानना चाहते हो
एक ऐसी जिन्दगी में शामिल
होना चाहते हो
जहाँ रंग बिखरे पड़े हैं
बस प्यार में दिल उलझे पड़े हैं
फितरत नहीं मेरी की कुछ यूँही कह्दूं
किम्मत तुम्हारी ही थी
की सोचा एक दफा फिर से उड़ान भरलूँ

16 Jun

तेरी मेरी कहानियाँ

हसरतें आज भी खिलखिला रही हैं
तेरी याद में भीगी जा रही हैं
सिमत रही हैं दूरियां
खनक रही हैं चूड़ियाँ
बहती हवा में घुल रही थी
तुम्हारी बेचैनियाँ
जब दूर दूर रहती थी
हमारी तुम्हारी नजदीकियाँ
वहाँ आस्मां भी गुनगुना रहा
तेरी मेरी कहानियाँ

15 Jun

साया हूँ मैं

कलमा तेरे इश्क में
लिखने की ख्वाहिश लिए
आनंद में हैं………..
मत पूछो की
हम तेरी चाहत में हैं
जाने कितने सपनो को
सपना बनाया
पर एक तू ही है
जिसे सपनो में भी अपना पाया
साया हूँ में
भूल बैठा हूँ अपनी काया

15 Jun

चाहत में फिर रहे थे

एक हाथ में कागज़
एक में कलम
ओर दिल में सनम
मन में उठ रही थी तरंग
और सांसों में उमंग
अब दूर नहीं वो गगन
जिसको पाने की थी
सुबह शाम अगन
नज़रों में उनकी
देख रहे थे हम
वो प्यार जिसकी
चाहत में फिर रहे थे
बरसो से हम

15 Jun

तुमने एक पैगाम भेजा

नज़रो ही नज़रो में
सयरज की फकरणों में
चांदनी में लिपटी
सलवटो में
इन्द्रधनुष की रंगीनियों में
तुमने एक पैगाम भेजा
सागर की लहरों से
बरखा की बूंदों से
मेरे हसीन लम्हों ने गुजारिश की
नाज़ुक तुम्हारी हथेलियों
में सजती लकीरों ने
एक ख्वाहिश की
तुमसे मिलने की चाहत में
बादल बन हमने तेरी
चौखट पे बारिश की

15 Jun

आरज़ू बस इतनी की

नजाकत ऐसी की
मुस्कुराहत पे तुम्हारी
हो जाएूँ हम निसार
इश्क में तेरे
हसरत ऐसी की
भूल जाएँ अपना हर अरमान
मोहब्बत में तुम्हारी
आरजू बस इतनी की
बन जाएँ एक बेहतर इंसान

15 Jun

तुम्हारी हस्तियाँ

फिरंगी हैं तुम्हारी
अदाओ की मस्तियाँ
कल कल करती बहती
तुम्हारे नैनो की कश्तियाँ
कुछ और ही हैं
ये बस्तियां
तुम्हारा इश्क
तुम्हारी हस्तियाँ
हमारी महफ़िल में
जहां बसती थी खामोशियाँ
आज यहाँ भी बसती हैं
प्यार की गुस्ताखियाँ

15 Jun

तेरे चेहरे का नूर मेरी आखों में

तेरे चेहरे का नूर मेरी आँखों में
इस कदर बस चुका है
की पूनम का चाँद जैसे
मेरे जीवन में सज रहा है
होश कब कैसे बेकाबू हो रहे
हम तुम्हारी अदाओं के
कायल हो रहे
जब भी हम तुम्हारे
ख्यालों में खो जाते हैं
वक़्त बेवक़्त तेरी यादों
की उलझनों में बिखर से जाते हैं