Love Shayari

Doston swagat hai aap sabhi ka shayari ki dukan me jahaan hum aapse share kar rahe hain 100 se bhi zyada love shayari . Aasha karte hain aapko yeh sabhi shayari pasand aayegi . Shayari yahan aapko kaisi lagi yeh hame in aap jarur bataiyega .

love shayari

1)महसूस कुछ यूँ किया है
पी रहा हूँ अमृत
जिसका जिक्र हमने आज
पहली ही दफा किया है
अब जैसे हर पल को
खुल के जिया है
किस्सा कुछ ऐसा ही है हमारा
हिस्सा हो चुके हैं हम तुम्हारा
बड़ी खुबसूरत है हमारी जहाँआरा

2)तसवीरें बोल पड़ेंगी
तकदीरें जाग उठेंगी
बजने लगेंगी शहनईयां
लुट जाएूँगी तनहाइयां
जब जब नज़रें तुम्हारी
हम से मुलाकातें करेंगी
आदतें हमारी तुम पहचानती हो
दूरियां हैं क्यूँ यह भी जानती हो
और क्या चाहे खुद से
जब तुम हमें अपना मानती हो

3)संभाला तुम्ही ने अपने आँचल में
मेरी हर हार के बाद
आयी तेरे होठों पे मुस्कान
मेरे सूखे प्याले में भर जाए
खुशियाँ कुछ ऐसे थे मेरे अरमान
हाँ में था नादान
मुझे इल्म ही न था
तू ही है मेरी सच्ची कदरदान
संभाला तुम्ही ने अपने आँचल में
बाँधा मेरी हर बूँद को बरसाती बादल में
इस दफा कुछ ऐसा बरसूँगा
हारू या जीतू मैं बस झूमूँगा

13 Jun

हम चले जाते हैं…….

जीवन में उचाईयों की ख्वाहिश ,
हमें तन्हा कर जाती हैं ,
अपनों से दूर बहुत दूर ले जाती हैं |
जीवन में गहराइयाँ ,
हमें अपनापन दिलाती  हैं ,
अंजानो के प्यार का भी एहसास कराती हैं |
सही मायनों में गहराइयाँ ही ,
जीवन में उचाइयां दे जाती हैं ,
जीने की बारीकियां समझाती हैं |
हम चले जाते हैं ,
हमारी बातें रह जाती हैं |

13 Jun

निर्मल बाबा की कृपा का नूर

यह वहाँ जहाँ भी जाऊंगा |
खुद को भूल नहीं पाउँगा |
कितना सच्चा कितना झूठा हूँ |
कहने से डरता हूँ |
जीवन की कसौटियो पर
खुद को परखना आसान नहीं |
यह जीवन  सिर्फ  सुबह शाम  नहीं |
मंजर बदल जाते हैं कुछ पाने की चाह में |
हीरे मिल जाते हैं कोयले की खदान में |
मिटटी में मिल जाता है गुरूर |
तभी होता है निर्मल बाबा की कृपा का नूर |

13 Jun

ये एहसास नया नया है

एहतियात बरतते हैं की रिश्ता नया नया है |
दो ज़हान के मिल ने का सिलसिला नया नया है |
पल भर को चैन नहीं य वक्त ज़ुदा ज़ुदा है |
खुद ही में सिमट जाने का |
दुनिया को भूल जाने का |
ये एहसास नया नया है |

13 Jun

उम्मीदों की बरखा

नज़दीकियाँ हमारी |
दूर कर रही ,
बैचेनियों को हमारी |
प्यार के संग -संग
उठ रही एक तरंग |
जैसे तू डोर मैं पतंग |
शीतल काया तेरी , मेरे मन को मोह रही |
उम्मीदों की बरखा में जैसे भीगो रही |

13 Jun

चुरा लू तुम्हे तुम्ही से

कोशिशो को मेरी राहत है |
तू मेरी बरसों की चाहत है |
तू खूब , खूब तेरी नज़ाकत |
तू नूर , खूब तेरी शराफत |
हमको मंज़ूर तेरे ख्वाबों की हिफाज़त |
चुरा ले हम तुम्ही को जो तुम दो इज़ाज़त |

13 Jun

तेरे बिना खुद को अधूरा पाया

तेरी खामोशियाँ जवाब हैं , उन सवालों का |
तेरी मजबूरियाँ जवाब हैं , उन सवालों का |
जो पूछ रही थी मेरी सुबह – शाम |
तरस आता है खुद पे याद करूँ ज वो शाम |
प्यार से तेरे सबूत मांग रहा था |
मासूमियत को तेरी लाचारी जान रहा था |
दुनिया को पहचाना तो तेरा ख्याल आया |
तेरे बिना खुद को अधूरा पाया |

13 Jun

ख्वाबों में तेरे…..

ढूंढ़ रही हो हमें कहाँ -कहाँ |
पिछली रात चाँद ने तुम्हे क्या कहा |
हमारी मुलाकातों के किस्से हो रहे |
तारे भी हमारी बातों में खो रहे |
झरोखे से हमें निहारे रही |
दिलमें हमारे झाँख रही |
अपनी किस्मत पे हमको यकीन हो गया |
ख्वाबोंमें तेरे में शरीक हो गया |

13 Jun

ना जाने तुम कहाँ गए

हालातों के मद्देनज़र एक ख्याल आया |
किताबमें रखा बरसो पुराना गुलाब
जो नज़र आया |
दुनियादारी में हम क्या से क्या हो गए |
चाहते थे उन्हें और उन्ही से दूर हो गए |
अरमान फिर जाग रहे |
उन्हें अपने मान रहे |
वक्त से कदम मिलाते – मिलाते ,
तेरी आहतों को भुला गए I
होश जो आये तो पूछ रहे ,
ना जाने तुम कहाँ गए I

13 Jun

वो इश्क ही क्या जहां तेरी रजा नहीं

मोहतरमा , इश्क ह वो जुनून |
जो देता सुकून |
इश्क मखमली चादर |
जैसे मीठे पानी का सागर |
इश्क करन वाले के दिलों में
इश्क ही बसा करता है |
सामने से कोई जवाब आये न आये ,
उनकी बेहतरी की फ़रियाद किये  करता है |
इश्क कोई सज़ा नहीं |
बिन तेरे मज़ा नहीं |
वो इश्क ही क्या जहां तेरी रज़ा नहीं |

13 Jun

उम्मीद जागी

ओ सनम तेरे प्यार में खो गए हम |
रात भर जागे जुगनू बने हम |
तुमने कहा जब से जानेमन |
हम होश में नहीं हैं सनम |
ददि में उम्मीद जागी |
यूहीं मिलते रहे जनम जनम |