Love Shayari

Doston swagat hai aap sabhi ka shayari ki dukan me jahaan hum aapse share kar rahe hain 100 se bhi zyada love shayari . Aasha karte hain aapko yeh sabhi shayari pasand aayegi . Shayari yahan aapko kaisi lagi yeh hame in aap jarur bataiyega .

love shayari

1)महसूस कुछ यूँ किया है
पी रहा हूँ अमृत
जिसका जिक्र हमने आज
पहली ही दफा किया है
अब जैसे हर पल को
खुल के जिया है
किस्सा कुछ ऐसा ही है हमारा
हिस्सा हो चुके हैं हम तुम्हारा
बड़ी खुबसूरत है हमारी जहाँआरा

2)तसवीरें बोल पड़ेंगी
तकदीरें जाग उठेंगी
बजने लगेंगी शहनईयां
लुट जाएूँगी तनहाइयां
जब जब नज़रें तुम्हारी
हम से मुलाकातें करेंगी
आदतें हमारी तुम पहचानती हो
दूरियां हैं क्यूँ यह भी जानती हो
और क्या चाहे खुद से
जब तुम हमें अपना मानती हो

3)संभाला तुम्ही ने अपने आँचल में
मेरी हर हार के बाद
आयी तेरे होठों पे मुस्कान
मेरे सूखे प्याले में भर जाए
खुशियाँ कुछ ऐसे थे मेरे अरमान
हाँ में था नादान
मुझे इल्म ही न था
तू ही है मेरी सच्ची कदरदान
संभाला तुम्ही ने अपने आँचल में
बाँधा मेरी हर बूँद को बरसाती बादल में
इस दफा कुछ ऐसा बरसूँगा
हारू या जीतू मैं बस झूमूँगा

24 Jun

बस कुछ दिन और फिर

कहीं दूर बहुत अँधेरा था
रात सा सन्नाता
चारो और बबिर पड़ा था
और वो रोशनी की चाह लिए
देखे जा रहा था उस आसमान की ओर
जहां बिखरी हुई थी चकाचोंध चारो ओर
सोच में पड़ गया
कुछ ही देर में उसका
अंग अंग खिल गया
कल तक अमावस थी जहां
आज पूनम का चाँद है वहाँ
रोशन फिर तो मेरा जहान भी होगा
बस कुछ दिन और फिर
सब को मुझ पर भी गुमान होगा

24 Jun

प्यार में शक न करना

कुछ सपने हमने भी देखे
कुछ अपने भी हमने देखे
कुछ सपने थे अपने तो
कुछ अपनों के भी थे सपने
कुछ के सपने टूट गए
जब उनके उनसे रूठ गए
रूठना मनाना
हर बात खुल कर कह जाना
कुछ ऐसा ही होता है
प्यार मे डूब जाना
कुछ ने अपनों के संग थे सपने सजोये
बिखर जाने पे वो भी रोये थे
कई कई रात नहीं सोये थे
कुछ वक़्त खुद ही के संग जो गुजारा
कहने लगे खुद ही से
प्यार में शक न करना दोबारा

23 Jun

आशिकों के अंजुमन में

हुस्न भी गजब है
और रुत भी
पानी की बूंदों सी
छलक रही थी तुम भी
टप टप बरस रही थी
बारिश सी
मन में जाग उठी
ख्वाहिश सी
क्यों ना बह चले इन पलो में
शामिल हुए अब हम भी
आशिकों के अंजुमन में

22 Jun

हमारा कोई ख्वाब नहीं

Romantic shayari

Hamara koi khwab nahi

मैं इस तरफ
तुम उस तरफ
और कुछ ही पल पहले
हमने देखे
वो रंग तुम्हारे रुपहले
जी चाह रहा था
रंग में तुम्हारे रंग जाने को
एक मन था संग तुम्हारे
बादलो से घिर जाने को
कुछ रहा नहीं अब कह जाने को
वक़्त हो गया था
दूर तुमसे जाने का
तुम सामने ही थी और
ढूंड रहा था मैं वजह
दिल को तुम्हारे बहलाने का
मन नहीं था
तुम्हे अलविदा कहने का
उस दर्द को फिर से सहने का
माना हम तुम साथ नहीं
ऐसे जीना आसान नहीं
सच कहें
तुम हमारी अर्धांगिनी हो
हमारा कोई ख्वाब नहीं

Hamara koi khwab nahi

 

22 Jun

मेरा मकसद था

कहती हो एहसान
मेरी चाहत से अनजान
लगती हो नादान
ज़रा सुनो
यह प्यार भरा फरमान
अब कुछ भी हो जाए
चाहे हम कितना भी सतायें
या हम तुमसे रूठ जाये
तुम झुकना नहीं
कहने से चूकना भी नहीं
गुनाह को मेरे मैं कुबूल करूूँगा
फिर कभी दोबारा
ना मैं तुमसे लडूंगा
सिर्फ इश्क करूूँगा
इश्क करूूँगा…….
पर इस बात से इत्तेफाक रखना
मेरा मकसद था
बस इक तुम्हारा ख्याल रखना

22 Jun

समझदारी ज़रा सी

जब भी कभी
किसी से जुड़ना
राह में तुम
भूल कर भी ना मुड़ना
माना कभी कभी
प्यार में हो जाता है भटकना
फिर शुरू होता है तड़पना
मन का उखड़ना
बैचेनियों का बढ़ना
दूर एक दूजे से वो रहके
परेशान हो रहे थे
अपनों के दर्द में वो
रो भी रहे थे
समझदारी ज़रा सी
जिसने इस रिश्ते में अपनायी
बड़ी खूबी से उन्होंने अपने
बीच की दूरियां मिटायी

22 Jun

तेरी इबादत मिली

रोशनी को मेरी
वो मोहब्बत मिली
रहता हूँ इस जहां में
और तेरी इबादत मिली
रंगों में नहाई अब
हर सुबह नज़र आती है
तेरी खुशबू मेरी जिन्दगी
को कुछ इस तरह महकाती है
की तेरी इक झलक हमें
जन्मों का सुकून दे जाती है
बहक जाता हूँ
जब तुम को सामने पाता हूँ
एक पल भी अब
तेरे बिन रह नहीं पाता हूँ

22 Jun

प्यार करना कोई तुमसे सीखे

चोरी चोरी
कोरी कोरी
बातें तेरी थोड़ी थोड़ी
चलती हो तुम होले होले
मिश्री सी मिठास घोले
हसीन मेरा हर पल हो आया
कुछ कम सा था
जो मैंने तुममे पाया
हमें पता है वादे
तुम्हारे हैं सच्चे नहीं हैं झूठे
कभी कभी तुम यूँही
रहते हो रूठे रूठे
प्यार करना कोई तुमसे सीखे
मोहब्बत निभाना कोई तुमसे सीखे

22 Jun

मोहब्बत में हूँ

बस करो की
इतना प्यार
मैं कैसे संभालू
एक पल को सोचू
एक पल तुमको निहारूं
और कुछ इसी तरह
दिन रात मैं गुजारूं
तेरे ख्वाबों को पूरा करने की
आस्मां में पतंग सा उड़ने की
कोशिश क्यूँ ना करूं
जब हर पल है रंगीन
तो जज्बातों में क्यूँ ना बहूँ
मोहब्बत में हूँ
भला औरों से क्यूँ ना कहूं

22 Jun

कुछ ऐसी हमारी रानी है

वो बेहतरीन
एक ऐसी हसीन
जिसकी बातों में शामिल
बस हम है
वो कहती है
कुछ कहो ना
यूँ चुप चुप रहो ना
जुबान पे तुम्हारी
नाम हमारा आता नहीं
दिल को तुम्हारे
हमारे सिवा कोई भाता नहीं
करो ना करो यकीन
कुछ ऐसी हमारी रानी है
है छोटी पर दिलचस्प
हमारी प्रेम कहानी है