Shayari ki Dukan

25 Jun

हम मस्त कलंदर

एक नग
जो नथनी बना बैठा है
काजल से तुम्हारी ऐठा ऐठा है
कंगन भी कुछ कम नहीं
पहला दूजे से रूठा बैठा है
पायल भी तुम्हारी
याद में हमारी
गा रही क़वाली
मेरी मासूम कली
मिश्री की डली
रूठो न यूँ की सूना सूना सा
हो जाता है मंजर
ज़रा हंस भी दो की
हो जाये हम मस्त कलंदर

25 Jun

हमारी जहाँआरा

महसूस कुछ यूँ किया है
पी रहा हूँ अमृत
जिसका जिक्र हमने आज
पहली ही दफा किया है
अब जैसे हर पल को
खुल के जिया है
किस्सा कुछ ऐसा ही है हमारा
हिस्सा हो चुके हैं हम तुम्हारा
बड़ी खुबसूरत है हमारी जहाँआरा

25 Jun

हमारी जहाँआरा

महसूस कुछ यूँ किया है
पी रहा हूँ अमृत
जिसका जिक्र हमने आज
पहली ही दफा किया है
अब जैसे हर पल को
खुल के जिया है
किस्सा कुछ ऐसा ही है हमारा
हिस्सा हो चुके हैं हम तुम्हारा
बड़ी खुबसूरत है हमारी जहाँआरा

25 Jun

आदतें हमारी तुम पहचानती हो

तसवीरें बोल पड़ेंगी
तकदीरें जाग उठेंगी
बजने लगेंगी शहनईयां
लुट जाएूँगी तनहाइयां
जब जब नज़रें तुम्हारी
हम से मुलाकातें करेंगी
आदतें हमारी तुम पहचानती हो
दूरियां हैं क्यूँ यह भी जानती हो
और क्या चाहे खुद से
जब तुम हमें अपना मानती हो

25 Jun

हीर राँझा का अवतार हो

New shayari  in hindi font

Heer ranjha ka avtaar

जो इश्क में हैं होते
वो वक़्त को जाया
यूँही नही किया करते
जहां से हैं गुजरते
लोग उन जैसा होने हैं लगते
बदल भी हैं जब जब बरसते
मोहब्बत को भीगाने को हैं तरसते
और प्यार में डूबना तो है एक कला
जो डूबा वो अपने खुदा से जा मिला
ज़रा ढून्ड़ो अपने प्यार को
और जो ढूढ़ चुके हो तो
ज़रा समझो अपने यार को
महसूस करो उसके दीदार को
रब करे प्यार तुम्हारा सदाबहार हो
कया पता तुम ही में अगले
हीर राँझा का अवतार हो
खुदा करे खुशियाँ तुम्हारे
जीवन में बेशुमार हो

Heer ranjha ka avtaar

zindagi shayari in hindi font
24 Jun

अपने पिता की सुनना

अंजानो की चाह में
बेफिक्री की राह में
फूल बरसते हैं
कुछ हैं जो ऐसे भी सोचते हैं
अपनों का दिल दूखाना
कर्मो से जी चुराना
और सपनो में गोते लगाना
कुछ तो ऐसा भी करते हैं
अपनी कहना सबकी सुनना
मुश्किलों में भी हंस हंस के जीना
बड़ा मुश्किल है इनको समझना
उनकी आँखों में अपने मलए
तुमने भी
रास्तो को अपने
मंजिलों से मिलते देखा होगा
वो वही हैं जिनके बारे में
हमने तुमने सोचा जरुर होगा
इस दफा उनके संग अकेले में
कुछ वक़्त जरुर गुजारना
अपने पिता की सुनना
जो वो कहे तो
बुरा नहीं होगा
खुद को सुधारना

24 Jun

इन्द्रधनुष के सातों रंग

अंदाज ए वफ़ा
कुछ ऐसा होगा
तेरा पल पल इन
आँखों में बयां होगा
रोम रोम मेरा
फिर से जवां होगा
ऐसा समा ओर कहाँ होगा
जब हम तुम होंगे संग
ढूंड लेंगे हमें
इन्द्रधनुष के सातों रंग
बज उठेंगे ताल और म्रदंग
जश्न में डूबेंगे
हम और हमारी हमदम

24 Jun

हाँ हम लड़ेंगे

जीने को बहाने हैं हज़ार
पर यकीन है
तुम संग आएगी बहार
कभी ना आने देंगे
एक दूजे के बीच में दीवार
रहेंगे हमेशा सपनो पे सवार
ना होने देंगे कभी ऐसे हालात
जहां हम दोनों के बीच बिगड़े बात
चुप ना रहेंगे
कुछ भी….. बस कहेंगे
हाँ हम लड़ेंगे
ऐसा जैसा कभी ना किया
फिर कहना प्यार का वो रंग
भी हमने कया खूब जिया
उन पलो में भी हमने तेरे
प्यार ही को महसूस था किया

24 Jun

छोटी छोटी बातों पे बिगड़ना

Motivational poetry

Choti choti baton pe bigadna

हर किसी ने
कहीं ना कहीं
कुछ गलत
कुछ सही
है सहा
कुछ ने कहा
कुछ ने सहा
जिक्र कही ना कहीं
सभी ने किया
ऐहतियात बरतना
नए रिश्तो की डोर है
ज़रा नाजुक है
ज़रा संभलना
एक दूजे को समझना
परायो से छुपाना
अपनों से निभाना
वक़्त का काम है गुजरना
अच्छा नहीं होता है
छोटी छोटी बातों पे बिगड़ना गड़ना

Choti choti baton pe bigadna

24 Jun

छोटी छोटी बातों पे बिगड़ना

Motivational poetry

Choti choti baton pe bigadna

हर किसी ने
कहीं ना कहीं
कुछ गलत
कुछ सही
है सहा
कुछ ने कहा
कुछ ने सहा
जिक्र कही ना कहीं
सभी ने किया
ऐहतियात बरतना
नए रिश्तो की डोर है
ज़रा नाजुक है
ज़रा संभलना
एक दूजे को समझना
परायो से छुपाना
अपनों से निभाना
वक़्त का काम है गुजरना
अच्छा नहीं होता है
छोटी छोटी बातों पे बिगड़ना गड़ना

Choti choti baton pe bigadna