Shayari ki Dukan

26 Jun

ना रोको खुदको

ना किसी को
करने को मनमानी ।
बड़े बड़े सबक सिखला जाती
यह नशीली जवानी ।
सन्नाटो में ना दोडो
लेकर अपनी आवाज ।
ना रखो में कोई राज ।
जरा सुना दो
हमे भी साज ।
जिसे याद कर आती आ जाती है
दिल से तुम्हारी भी आवाज ।
आने वाला वक़्त है
हम सभी के लिए खास ।
हो जाओ तेयार
आओ मिलकर करें
एक परयास।
जिसकी आस में शहीद हुए
भगत और आवाज ।

25 Jun

ऊूँची उड़ान भरने को

तरक्की की चाहत लिए
वो बस चल दिए
किसी ने रोका
किसी ने टोका
शायद वो उनकी
फितरत से अनजान थे
या यूँ कहे की नादान थे
ऊूँची उड़ान भरने को
उनके पंख फड फड़ा उठे
कुछ नया करने की आदत में
वो बरसो की नींद से जाग उठे
बैठे -बैठे वो भी सपनो में ढूब जो जाते
कुछ करने के वक़्त बस बाते वो बनाते
तो हम थे जहा बस वही रह जाते
चूल्हा जलाने की खातिर
हम तुम आज भी
पत्थरों को रगड़ खिलाते

25 Jun

एक महात्मा हमारे जीवन में उतरा

चुन चुन के खुशियाँ
उसकी झोली में भर
घूंगरू से प्यार बेपनाह कर
राजू ने रोज़ी के
दिल के आँगन में
ऐसा गुलिस्तान बसाया
की फूनों की खुशबूं से
रोजी का पल पल महकाया
दोनों कि दुनीया
गजब की सज चुकी थी
राजू के माथे पे
रोजी के पैरो की धुल थी
दुनिया कह रही थी
रोजी भी ओरों के कहने में आ
राजू को खुद से दूर कर चुकी थी
हाँ वो रोयी थी
पछताई भी थी
शायद यही राजू के प्यार की
गहरायी थी
वहाँ राजू तो खुद को बदल चुका था
उस खुदा का उसे एहसास
जो हो चला था
लोगों के विश्वास से
उसे भी आस का साथ हो चला था
एक महात्मा हमारे जीवन में उतरा
जिसने कहा था हम ही हैं
उस खुदा का कतरा कतरा

25 Jun

जो रुक जाता

माना शुरुवात में
हम हम ना थे
पर हालातों ने हमको
बदल के रख दिया
और फिर कुछ ऐसा हमने किया
की हर किसी की नज़र में
जैसे पल भर में सवेरा हो गया
जो रुक जाता
फकसी की बातों में आ जाता
तो कैसे अपनी मंजिल से
इस जहां का नज़ारा कर पाता
काश हर सपना मेरा तुम्हारा
बन उस गगन मे टिमटिमाता

25 Jun

आसमान की चादर

रौनक लौट आयी
भीनी भीनी खुशबु हवा में समाई
मैं अभिभूत हूँ
देख तुम्हारे विचारों की गहराई
देखो ज़रा
आसमान की चादर भी कैसी जगमगायी
मन में मेरे है कशमकश
तुम तुम ही हो या हो मेरा ही अक्स
ढूँढना चाहे कोई तो भी ना ढूंढ सकेगा
तुम जैसा ओर कोई शख्स

25 Jun

मैं सरहद भी लांघ गया था

तुझसे मिलने की खातिर
एक रोज़
मैं सरहद भी लांघ गया था
और कहती हो मैं तुमसे
दूर क्यूँ गया था
हँसते हँसते
तुम जिक्र जुदाई का कर रही थी
तुम्हे क्या पता
यहाूँ मेरी जान जल रही थी
मैं कहता नहीं
हाँ सहता भी नहीं
हर जशन में शामिल
तुम्हे करना चाहते हैं
शायद यही थी वजह
की हम तुमसे मिलना चाहते हैं

25 Jun

हमारे बिना रह नहीं पाते

दिल तो तुम्हारा
संभाले नहीं संभल रहा था
मैं कुछ भी कहूं
तुम्हे खूब जच रहा था
हर पल के संग
तेरी मेरी नजदीकियां
बढती ही जा रही थी
धीरे धीरे ही सही
जिंदगी पटरी पे आ रही थी
कुछ तो जिंदगी भर साथ रहके भी
एक दूजे को समझ नहीं हैं पाते
और तुम हो की एक पल को भी
हमारे बिना रह नहीं पाते

poem on harwork is the key to success in india
25 Jun

आनंद मरा नहीं करते

रंग बिरंगी इस दुनिया में
एक इन्रधनुष सा चमका
हर फिक्र से बेपरवाह
वो कुछ यूँ था चेह्का
की हँसते हँसते भी
आँखों से आंसूं बह रहे थे
हर पल को खुल के जी
कुछ ऐसा कह रहे थे
वो हर पल हमें
कुछ न कुछ सिखा रहे थे
और हम हर गुजरते पल के संग
सहमे जा रहे थे
जीवन रंगमंच लगने लगा था
आनंद की नज़र से देखा तो
हर चेहरा अपना सा लगने लगा था
लोग कहते है वो चला गया
पर अपने दिल से पूछो
एक ही आवाज़ सुनाई देगी
आनंद मरा नहीं करते
आनंद मरा नहीं करते…………..

25 Jun

बड़ी खूब

मेरी हमदम मेरी दोस्त
मेरी ज़िंदगी की होस्ट
तुम्हारा मुस्कुराना
पलकों का लहराना
बालों का बिखरना
एक कला है
हमें पता है तुम्हारे अन्दर
एक कलाकार बसा है
इस जीवन में तेरा साथ मिला
बड़ी खूब मेरे रब की रजा है

25 Jun

तेरे आने से उम्मीद हो गयी

Romantic shayari in hindi font

Tere aane se ummed ho gayi

जिस मोहब्बत के साये में
आज जी रहा हूँ
खुशनसीब हूँ
हर पल पानी सा बह रहा हूँ
खुद को जान रहा हूँ
इस जहां में आने की वजह
तलाश करता था
जाने किस तरह खुद को
संभाला करता था
तेरे आने से उम्मीद हो गयी
मेरी धड़कन भी तेरी मुरीद हो गयी

Tere aane se ummed ho gayi