Shayari ki Dukan

17 Jun

वक़्त कुछ ऐसा बदला

तुझसे मिलने में वो बात है
की भीगे मेरे ज़ज्बात हैं
एक ऐसा मुकाम जो
तेरे साथ साथ
हम पा गए
साथ मिला तेरा
और हम खुद को
खुद ही से हार गए
एक वक़्त था जब
खुदा से मिलने की खातिर
राहो को अपनी हम निहार रहे थे
वक़्त कुछ ऐसा बदला
हवा ने रूह कुछ यूँ पलटा की
हम जुल्फे तुम्हारी संवारने में
वक़्त अपना गुजार रहे थे

17 Jun

The way you love

The way you share
The way you hold me
Shows that you follow
your heart
The way you talk
The way you walk
The way you lighten my dark
Shows how much you love
your better half.
Why not everyone got married
Life after marriage is really cherished.

17 Jun

I Care

I dare
I share
B’coz God makes us a pair
No tear
Just me and my dear
A relation
That we share
Nothing in doubt
Everything between
Us is so clear

17 Jun

The way you love

The way you share
The way you hold me
Shows that you follow
your heart
The way you talk
The way you walk
The way you lighten my dark
Shows how much you love
your better half.
Why not everyone got married
Life after marriage is really cherished.

17 Jun

If I say I do

I mean
I love you too
If I pray it means
I ‘ll do it
for you whole day
This is what my heart say
I feel myself without you
Like dirty piece of a clay
I didn’t expect much from your side
I just want to hide in your side.

17 Jun

चांदनी में लिपटी हुई

करिश्मा हो तुम
मेरी रूह का
आइना भी तुम
मेरी तमन्नाओं की
चाहत हो तुम
भीगी पड़ी मेहंदी
ख्वाहिश भी तुम
चांदनी में लिपटी हुई
सी मूरत हो तुम
जो खुदा से की थी
वो गुजारिश भी तुम

17 Jun

एक दूजे में गुम

किसी दिन नदी के किनारे
हम होंगे बस तुम्हारे सहारे
कह रहे होंगे आरज़ू अपनी
बैठे बैठे तुम्हारे सिराहने
काजल को अपनी
बादलों पे उड़ेल दो
ज़रा बरखा की
कलाइयों को खोल दो
भीगेंगे फिर हम तुम
और हो जायेंगे
एक दूजे में गुम

17 Jun

बस एक ही अरमान

हर दिशा का अपना कमाल

वो कर गए कुछ ऐसा धमाल

जिसकी चाहत रहता है

हर एक नौजवान

उनकी नज़रों में था हर कोई समान

खोफ से थरा जाती थी हर वो जबान

जब सामना आते थे प्राण

हर खलनायक का आज

बस एक ही अरमान

कुछ पल ओर जी जाए

प्राण बन के हमारे प्राण

17 Jun

जब साथ रहेंगे

जब साथ रहेंगे

चुप ना रहेंगे

कुछ भी कहेंगे

रात भर जगेंगे

दिल की सुनेंगे

जागती आँखों से

सपने हम बुनेंगे

हर ताल पे थिरकेंगे

दिल हमारे कुछ

यूँ ही धडकेंगे

जब साथ रहेंगे

भला हम तुम

फिर कययूँ तड़पेंगे

17 Jun

पर मलाल है

अकसर जाने अनजाने में

बह जाते हैं

गुजरे तरानों में

उन बीते अफ्सानो में

जो कहानी कोई

बयान नहीं कर सकता

वो फूल जिससे हर किसी

का आँगन है महकता

मत पूछों यारों

उस ओर का रास्ता

क्यूंकि बचपन

हमारा भी कुछ ख़ास था

पर मलाल है क्यूँ

तू मेरे साथ ना था