पर मलाल है

17 Jun पर मलाल है

अकसर जाने अनजाने में

बह जाते हैं

गुजरे तरानों में

उन बीते अफ्सानो में

जो कहानी कोई

बयान नहीं कर सकता

वो फूल जिससे हर किसी

का आँगन है महकता

मत पूछों यारों

उस ओर का रास्ता

क्यूंकि बचपन

हमारा भी कुछ ख़ास था

पर मलाल है क्यूँ

तू मेरे साथ ना था

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