थोड़ी सी जोर अजमाइश

22 Jun थोड़ी सी जोर अजमाइश

मुश्किलों को आने की
चुनौती दे दो
मन की आँखों को
ज़रा सा खोल दो
थोड़ी सी जोर अजमाइश
जब वो करने लगे
हर कोशीश में वो
जब तुम्हे ठगने लगे
मौका उन्हें ज़रा भी ना देना
देखना उन्हें संभलने भी ना देना
कुछ ही देर में वो बिखर जायेंगी
देखते ही देखते वो
तुम्हारे कदमो की धूल खायेंगी
मुश्किलों की चुनौनतयां
यूँ ही आएूँगी जायेंगी
जब तुम जैसे होंगे मुसाफिर
वो अपनी राह भटक जायेंगी

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