Love Shayari

Love Shayari in Hindi Font, Hindi Love Shayari, New Love Shayari 2017, Best Love Shayari , Shayari on Love, Shayari for Love, Love Shayari for Girlfriend Boyfriend, GF BF, Husband Wife, Latest Love Shayri, Funny Love Shayari, Romantic Love Shayari, Love hindi shayri, Love Shayri, Love Shayri hindi , whatsapp status , love quotes

24 Jun

बस कुछ दिन और फिर

कहीं दूर बहुत अँधेरा था
रात सा सन्नाता
चारो और बबिर पड़ा था
और वो रोशनी की चाह लिए
देखे जा रहा था उस आसमान की ओर
जहां बिखरी हुई थी चकाचोंध चारो ओर
सोच में पड़ गया
कुछ ही देर में उसका
अंग अंग खिल गया
कल तक अमावस थी जहां
आज पूनम का चाँद है वहाँ
रोशन फिर तो मेरा जहान भी होगा
बस कुछ दिन और फिर
सब को मुझ पर भी गुमान होगा

24 Jun

प्यार में शक न करना

कुछ सपने हमने भी देखे
कुछ अपने भी हमने देखे
कुछ सपने थे अपने तो
कुछ अपनों के भी थे सपने
कुछ के सपने टूट गए
जब उनके उनसे रूठ गए
रूठना मनाना
हर बात खुल कर कह जाना
कुछ ऐसा ही होता है
प्यार मे डूब जाना
कुछ ने अपनों के संग थे सपने सजोये
बिखर जाने पे वो भी रोये थे
कई कई रात नहीं सोये थे
कुछ वक़्त खुद ही के संग जो गुजारा
कहने लगे खुद ही से
प्यार में शक न करना दोबारा

23 Jun

आशिकों के अंजुमन में

हुस्न भी गजब है
और रुत भी
पानी की बूंदों सी
छलक रही थी तुम भी
टप टप बरस रही थी
बारिश सी
मन में जाग उठी
ख्वाहिश सी
क्यों ना बह चले इन पलो में
शामिल हुए अब हम भी
आशिकों के अंजुमन में

22 Jun

हमारा कोई ख्वाब नहीं

Romantic shayari

Hamara koi khwab nahi

मैं इस तरफ
तुम उस तरफ
और कुछ ही पल पहले
हमने देखे
वो रंग तुम्हारे रुपहले
जी चाह रहा था
रंग में तुम्हारे रंग जाने को
एक मन था संग तुम्हारे
बादलो से घिर जाने को
कुछ रहा नहीं अब कह जाने को
वक़्त हो गया था
दूर तुमसे जाने का
तुम सामने ही थी और
ढूंड रहा था मैं वजह
दिल को तुम्हारे बहलाने का
मन नहीं था
तुम्हे अलविदा कहने का
उस दर्द को फिर से सहने का
माना हम तुम साथ नहीं
ऐसे जीना आसान नहीं
सच कहें
तुम हमारी अर्धांगिनी हो
हमारा कोई ख्वाब नहीं

Hamara koi khwab nahi

 

22 Jun

मेरा मकसद था

कहती हो एहसान
मेरी चाहत से अनजान
लगती हो नादान
ज़रा सुनो
यह प्यार भरा फरमान
अब कुछ भी हो जाए
चाहे हम कितना भी सतायें
या हम तुमसे रूठ जाये
तुम झुकना नहीं
कहने से चूकना भी नहीं
गुनाह को मेरे मैं कुबूल करूूँगा
फिर कभी दोबारा
ना मैं तुमसे लडूंगा
सिर्फ इश्क करूूँगा
इश्क करूूँगा…….
पर इस बात से इत्तेफाक रखना
मेरा मकसद था
बस इक तुम्हारा ख्याल रखना