आज फिर सवेरा हुआ

love shayari

08 Aug आज फिर सवेरा हुआ

आज फिर सवेरा हुआ

लेकिन सुनहरा हुआ

आगोश में तुम्हारे गुजारी थी

जो कल की रात

काश होता तुम्हारा हमारा

पल पल का साथ

रात हो जाती यूँही लिए

हाथों में हाथ

तुम्हारी साँसो में बस जाएँ हम

ये जिन्दगी यूँही गुजर जाये

तो न रहे कोई गम

चाहत से सराबोर हैं

तुम्हरे प्यार में मदहोश है

बहते झरने के मीठे जल

की मीठास लिए

मोहब्बत में अपने होठो को सिए

कुछ कह रही हैं

तुम्हारी खामोशियाँ

जैसे चाह रही है

थोड़ी और नजदिकिया