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अपने देश की खातिर

वो आ रहा है
जो बदल के रख देगा
हमारी इमारत की नीव
वो मज़बूत कर देगा
होश में आ जाओ की
वक़्त यह भी गुजर जाएगा
हालातो पे नज़र डालो
नहीं तो पैरो के नीचे का
ज़मीन का टुकड़ा भी
बिखरा नज़र आएगा
जागो की रंग आसमान में
अपना ही लहराएगा
तिरंगे के सम्मान में
दुनिया जहां भी
सिर अपना झुकायेगा
किसी के आने का
इंतज़ार ना करना
अपने देश की खातिर
एक नयी पहल
तुम भी करना

This post was last modified on September 9, 2017 10:19 am

Categories: Hindi Shayari
Alok Yadav :