जिसे देखो उस ओर भाग रहा हैं

18 Aug जिसे देखो उस ओर भाग रहा हैं

Inspirational poetry

Jise dekho us or bhag raha hai

जिसे देखो उस ओर भाग रहा हैं

सच कह दो तो

आँखे तान रहा हैं

गफलत सी जिन्दगी हो गयी हैं’

फिर भी सीना ठोक रहा हैं

क्यों भला इंसान अनजाना हो रहा

खुद के है लड़खड़ाते कदम

और ज़माने को सभाल रहा

नजरो की शर्म बची नही

जोश जिन्दगी का

धुआं धुआं हो गया

होश जब आया तो एहसास हुआ

जिन्दगी का साथ

कही पीछे ही छुट गया

Jise dekho us or bhag raha hai