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कितना बदल सा गया हूँ

कितना बदल सा गया हूँ

आने से तुम्हारे

पहले बिखरा हुआ सा था

अब सिमट ही गया हूँ

दामन में तुम्हारे

अब दिल में नही

और कोई जज्बात

सिवाय तुम्हारे

मुझ बहती धारा को मिला ठहराव

मिल सागर में तुम्हारे

इतना ही कहना था हमें

जन्मदिवस पे तुम्हारे

हम थे

हम हैं

हम रहेंगे

सिर्फ और सिर्फ

बस तुम्हारे

This post was last modified on March 3, 2019 9:53 am

" Alok Yadav : ."