कितना बदल सा गया हूँ

20 Aug कितना बदल सा गया हूँ

कितना बदल सा गया हूँ

आने से तुम्हारे

पहले बिखरा हुआ सा था

अब सिमट ही गया हूँ

दामन में तुम्हारे

अब दिल में नही

और कोई जज्बात

सिवाय तुम्हारे

मुझ बहती धारा को मिला ठहराव

मिल सागर में तुम्हारे

इतना ही कहना था हमें

जन्मदिवस पे तुम्हारे

हम थे

हम हैं

हम रहेंगे

सिर्फ और सिर्फ

बस तुम्हारे