Yogi ram raj

13 Aug Yogi ram raj

वाह रे सटोरियों
जान गैरों की
बड़ी सस्ती समझते हो

हम रोते रहें
चीखते बिलखते रहे
और तुम हँसते हो

दिन वो दूर नही
कफन तुम्हारे अपनो
के भी सजे होंगे

आँसूं कभी तुम्हारी
आंखों के भी
सूखने को होंगे

वजह आज
कुछ और हो गयी
गरीब के मरने की

दर्द सिर्फ इतना ही है
इस सीने में
की कल जो था
मेरा अपना सा

वो सत्ता के गलियारों में
जब से पहुंचा
मैं उसके लिए
क्यों हुआ भूला बिसरा सा