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यूँ बेहोशी में ज़िंदगी बसर करेंगे

नशा करेंगे
तबाह करेंगे
जब तक जियेंगे
पल पल मरेंगे
कहते हैं हम ना डरेंगे
और फिर वही कही
किसी गड्ढे में जा गिरेंगे
जिस देश को
मजबूत कंधो की जरुरत हो
मिटटी को सोना बना दें
जिनकी ऐसी फितरत हो
जब वही खुद पर से भरोसा खो देंगें
यूँ बेहोशी में जिन्दगी बसर करेंगे
फिर दुश्मन हमारे
भला हमसे क्यूँ डरेंगे

This post was last modified on September 9, 2017 10:14 am

Alok Yadav :