आरज़ू बस इतनी की

15 Jun आरज़ू बस इतनी की

नजाकत ऐसी की
मुस्कुराहत पे तुम्हारी
हो जाएूँ हम निसार
इश्क में तेरे
हसरत ऐसी की
भूल जाएँ अपना हर अरमान
मोहब्बत में तुम्हारी
आरजू बस इतनी की
बन जाएँ एक बेहतर इंसान