अब होश नहीं

13 Jun अब होश नहीं

पंख लगे हैं तबसे |
तुमसे मिले हैं जबसे |
होि में आन वाले हैं |
तुझ में खो जान वाले हैं |
सपनो की दुनिया से निकल ,
हकीकत को पीन वाले हैं |
वक्त हो गया है तेरे होठों से
अपन लबो को लगायेंगे |
हम तुम्हे फिर से
जन्नत का एहसास कराएँगे |