चांदनी में लिपटी हुई

17 Jun चांदनी में लिपटी हुई

करिश्मा हो तुम
मेरी रूह का
आइना भी तुम
मेरी तमन्नाओं की
चाहत हो तुम
भीगी पड़ी मेहंदी
ख्वाहिश भी तुम
चांदनी में लिपटी हुई
सी मूरत हो तुम
जो खुदा से की थी
वो गुजारिश भी तुम