हिसाब मांगती थी चूड़ियाँ तुम्हारी

26 Jun हिसाब मांगती थी चूड़ियाँ तुम्हारी

जवाब चाहती थी बिंदिया तुम्हारी
हम सोचते थे बस तुम हो हमारे
क्या जानते थे
हम हो चुके थे तुम्हारे
तेरी याद में भूल रहा हूँ
भुला राला हूँ खुद हि को
आस तुम्ही से बांद रहा हूँ
बस तुम्हारी खातिर जाग रहा हूँ
अनजाने सपनों के पीछे भाग रहा था
केसे लड़खड़ाते क़दमों को संभाल रहा था
साथ ने तुम्हारे हमे इत्मिनान दे दिया
कर्मो को मेरे अंजाम दे दिया