माँ जो तू न होती….

13 Jun माँ जो तू न होती….

आँखे बंद जो करता तो चेहरा तेरा दिखता|
सपनो के गुलिस्तान में नया फूल तो खिलता|
जिन्दगी को रोशन करता धुप में जब घिरता |
टप टप पानी पसीना बना
अपने दोषों को चीरता |
हिम्मत और लगन के साथ
खुद को तनहा ही रखता |
विश्वास की डोर के सहारे डर को दूर भगाता |
मेरी माँ जो तू न होती तो
मिटटी को सोना कैसे बनाता |