महसूस हमने किया

22 Jun महसूस हमने किया

सामने तुम्हारा हैं बैठे
कुछ दिल में है
पर यूँ ही कैसे कहते
तुम बेसब्री से इंतज़ार में डूबी हो
तुम हर पल मेरी बातों में गूंजी हो
जानकर हैरान हो रही
झूठ मूठ आँख मूँद सो रही
अपने ख्यालो में
कुछ अनसुलझे सवालों में
जबसे हमें शामिल है किया
नजदिकियाँ होती हैं कया
महसयस हमने किया