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काश तुम मुझपे विश्वास कर सकती

काश दिल की बातें दिल में न रहती
काश मेरी ख्वाहिशे बन कागज की कश्ती
यूँ ही दरिया में न बहती
काश मेरे दर्द की कसक
सीने में तेरे न चुभती
काश मेरे आँखों की नमी
तेरी आँखों में न उतरती
काश की तुम उस पल को मेरे
आस-पास ही होती
काश मेरी शामें
यूँ तनहा तनहा सी न होती
काश की तुम हालातों को मेरे
यूँ दरकिनार न करती

This post was last modified on September 9, 2017 10:09 am

" Alok Yadav : ."