सपनो की मूरत

13 Jun सपनो की मूरत

Love shayari

Sapno ki murat

दूर – दूर तक तेरा सा नहीं |
तेरे सिवा कोई अपने सा नहीं |
सपनो की मूरत को तुझमे रूबरू पाया है |
तुझसे दूर रहकर , खुद को तनहा पाया है |
तुझे पास रखने की फररयादे करता हूँ |
अब तो नींद में भी तुझसे ही मुलाकातें करता हूँ |

Sapno ki murat