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साया हूँ मैं

कलमा तेरे इश्क में
लिखने की ख्वाहिश लिए
आनंद में हैं………..
मत पूछो की
हम तेरी चाहत में हैं
जाने कितने सपनो को
सपना बनाया
पर एक तू ही है
जिसे सपनो में भी अपना पाया
साया हूँ में
भूल बैठा हूँ अपनी काया

This post was last modified on September 9, 2017 10:19 am