तेरी इबादत मिली

22 Jun तेरी इबादत मिली

रोशनी को मेरी
वो मोहब्बत मिली
रहता हूँ इस जहां में
और तेरी इबादत मिली
रंगों में नहाई अब
हर सुबह नज़र आती है
तेरी खुशबू मेरी जिन्दगी
को कुछ इस तरह महकाती है
की तेरी इक झलक हमें
जन्मों का सुकून दे जाती है
बहक जाता हूँ
जब तुम को सामने पाता हूँ
एक पल भी अब
तेरे बिन रह नहीं पाता हूँ