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तुमने एक पैगाम भेजा

नज़रो ही नज़रो में
सयरज की फकरणों में
चांदनी में लिपटी
सलवटो में
इन्द्रधनुष की रंगीनियों में
तुमने एक पैगाम भेजा
सागर की लहरों से
बरखा की बूंदों से
मेरे हसीन लम्हों ने गुजारिश की
नाज़ुक तुम्हारी हथेलियों
में सजती लकीरों ने
एक ख्वाहिश की
तुमसे मिलने की चाहत में
बादल बन हमने तेरी
चौखट पे बारिश की

This post was last modified on September 9, 2017 10:19 am