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आनंद मरा नहीं करते

रंग बिरंगी इस दुनिया में
एक इन्रधनुष सा चमका
हर फिक्र से बेपरवाह
वो कुछ यूँ था चेह्का
की हँसते हँसते भी
आँखों से आंसूं बह रहे थे
हर पल को खुल के जी
कुछ ऐसा कह रहे थे
वो हर पल हमें
कुछ न कुछ सिखा रहे थे
और हम हर गुजरते पल के संग
सहमे जा रहे थे
जीवन रंगमंच लगने लगा था
आनंद की नज़र से देखा तो
हर चेहरा अपना सा लगने लगा था
लोग कहते है वो चला गया
पर अपने दिल से पूछो
एक ही आवाज़ सुनाई देगी
आनंद मरा नहीं करते
आनंद मरा नहीं करते…………..

This post was last modified on September 9, 2017 10:11 am

" Alok Yadav : ."