आनंद मरा नहीं करते

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25 Jun आनंद मरा नहीं करते

रंग बिरंगी इस दुनिया में
एक इन्रधनुष सा चमका
हर फिक्र से बेपरवाह
वो कुछ यूँ था चेह्का
की हँसते हँसते भी
आँखों से आंसूं बह रहे थे
हर पल को खुल के जी
कुछ ऐसा कह रहे थे
वो हर पल हमें
कुछ न कुछ सिखा रहे थे
और हम हर गुजरते पल के संग
सहमे जा रहे थे
जीवन रंगमंच लगने लगा था
आनंद की नज़र से देखा तो
हर चेहरा अपना सा लगने लगा था
लोग कहते है वो चला गया
पर अपने दिल से पूछो
एक ही आवाज़ सुनाई देगी
आनंद मरा नहीं करते
आनंद मरा नहीं करते…………..