दिल की भी तुम सुना करो

16 Jun दिल की भी तुम सुना करो

भविष्य को सवारने की खातिर एक कदम बढाओ
खुद की सोच को उस काबिल बनाओ
परवाह अपने सपनो की किया करो
एक कदम ही सही पर उस और बढ़ा करो
ज़िंदगी को अपनी कुछ इस तरह जिया करो
दुनिया कया सोचेगी इस परपंच में ना उलझा करो
समझो ज़रा खुद को
कभी कभी अपने दिल की भी तुम सुना करो