इतिहास के पन्नो पे

15 Jun इतिहास के पन्नो पे

मस्ती का माहौल था
पुरा दौर लिखा जा रहा था
इतिहास के पन्नो पे
एक गीत गुनगुना रहा था
मीत उसके सपनो का उसे
अपना बनाना चाह रहा था
एक सीधा साधा सा लड़का
घर को लौट रहा था
नज़रें तभी एक खिड़की पे जा रुकी और
आँखें उनसे कुछ यूँ टकराई
झील प्यार की दो  दिलों ने बहायी
आस दो सतहों के मिलने की
उनके एक दूजे को समझने की
कहते कहते रुक जाने की
चाहत को छुपाने की
तड़पती रातों में खो जाने की
शायद………..
एक नए सवेरे की आहत थी
हाँ फिर से दो दिलों में
एक दूजे की चाहत थी