Shayari Ki Dukaan :- 2018 Best hindi shayari blog in India - Shayari ki Dukaan
14869
home,paged,page-template,page-template-blog-large-image-simple,page-template-blog-large-image-simple-php,page,page-id-14869,paged-17,page-paged-17,,qode-title-hidden,qode-theme-ver-9.1.3,wpb-js-composer js-comp-ver-4.11.2.1,vc_responsive
June 25, 2017

मैं सरहद भी लांघ गया था

तुझसे मिलने की खातिर एक रोज़ मैं सरहद भी लांघ गया था और कहती हो मैं तुमसे दूर क्यूँ गया था हँसते हँसते तुम जिक्र जुदाई...

June 25, 2017

हमारे बिना रह नहीं पाते

दिल तो तुम्हारा संभाले नहीं संभल रहा था मैं कुछ भी कहूं तुम्हे खूब जच रहा था हर पल के संग तेरी मेरी नजदीकियां बढती ही...

June 25, 2017

बड़ी खूब

मेरी हमदम मेरी दोस्त मेरी ज़िंदगी की होस्ट तुम्हारा मुस्कुराना पलकों का लहराना बालों का बिखरना एक कला है हमें पता है तुम्हारे अन्दर एक कलाकार बसा...