Shayari ki Dukaan

15 Aug

हसरतों की ख्वाहिशो में

हसरतों की ख्वाहिशो में

नम आँखों की चाहतो में

रूह की खामोशियो में

तुम्ही बताओ भला

कौन रहता हैं

साथ जिसका

हर पल चाहे

तरसे जिसको

हमारी बाहें

उन यादो में कहो तो भला

कौन रहता है

समझों जरा इशारे

हम तुम संग हैं

नही कोई सागर के किनारे

जो तडपते रहेगे

एक दूजे को निहारे

न कोई दूरी है

न ही कोई मजबूरी

सिमट रही है दुनिया मेरी

चाहतों में तुम्हारी

15 Aug

Happy independence day

प्यार करने की आज़ादी ?
यारों के संग घूमने की आज़ादी ?
बोलने की आज़ादी ?

लूट करने की आज़ादी
मनमानी करने की आज़ादी
दलाली करने की आज़ादी

सबसे बढ़कर है
इन सब को मिलजुल कर
रहने की आज़ादी

14 Aug

Happy janmashtami

मेरे कान्हा का कोई देश नहीं
मेरी कान्हा का कोई वेश नही

जिस और देखूंगा प्यार से
वही नज़र आएगा

मोहब्बत करूँगा गर परिवार से
खुशियां बन
मेरी ज़िंदगी को
मेरा कान्हा ही महकायेगा