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June 24, 2017

बस कुछ दिन और फिर

कहीं दूर बहुत अँधेरा था रात सा सन्नाता चारो और बबिर पड़ा था और वो रोशनी की चाह लिए देखे जा रहा था उस...

June 24, 2017

प्यार में शक न करना

कुछ सपने हमने भी देखे कुछ अपने भी हमने देखे कुछ सपने थे अपने तो कुछ अपनों के भी थे सपने कुछ के सपने...

June 23, 2017

आशिकों के अंजुमन में

हुस्न भी गजब है और रुत भी पानी की बूंदों सी छलक रही थी तुम भी टप टप बरस रही थी बारिश सी मन में जाग...