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June 22, 2017

मेरा मैं न जाने कहाँ चला गया

देखना उन्हें चाहते हो जो देख नहीं सकते जानना उन्हें चाहते हो जो बन नहीं सकते उनका हाथ थामने को बेक़रार बैठे हैं कुछ उनकी...

June 22, 2017

इश्क की इन गलियों में

जिन गलियों से गुजरने की ख्वाहिश लिए चले जा रहे थे जिस दुपट्टे के सरकने से हम मचले जा रहे थे आज उन्ही गलियों...

June 22, 2017

ऐसी दूरी सह न पाएंगे

इंतज़ार की इंतज़ार करते करते इन्तेहाूँ हो गयी बाज़ार में खरीददारी करते करते शाम हो गयी घंटो राह में आँखे बिछाये थे बैठे सोच रहे...