Shayari Ki Dukaan :- 2018 Best hindi shayari blog in India - Shayari ki Dukaan
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June 22, 2017

मंजिल मिल चुकी थी

जाने अनजाने किसी से गुफ्तगू कर ली फिर बातों बातों में दोस्ती कर ली प्यार के रंग में डूबे जा रहे थे कसमे -वादे निभाना...

June 22, 2017

बंधन में बंधे हैं

काजल से सजी आँखों में नज़रें तुम्हारी कुछ ऐसी सज रही हैं की कह रहे हैं कुछ और आप हैं की कुछ और ही समझ...

June 22, 2017

मेरा मैं न जाने कहाँ चला गया

देखना उन्हें चाहते हो जो देख नहीं सकते जानना उन्हें चाहते हो जो बन नहीं सकते उनका हाथ थामने को बेक़रार बैठे हैं कुछ उनकी...