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हिसाब मांगती थी चूड़ियाँ तुम्हारी

जवाब चाहती थी बिंदिया तुम्हारी हम सोचते थे… Read More

फूलों कि सेज

माँ का करेज हिफाजत कि रेल रिश्तों का… Read More

आदत है हमारी

आदत है हमारी ठोकरे कितनी भी खाए उतरनी… Read More

ना रोको खुदको

ना किसी को करने को मनमानी । बड़े… Read More

ऊूँची उड़ान भरने को

तरक्की की चाहत लिए वो बस चल दिए… Read More