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एक महात्मा हमारे जीवन में उतरा

चुन चुन के खुशियाँ उसकी झोली में भर… Read More

जो रुक जाता

माना शुरुवात में हम हम ना थे पर… Read More

आसमान की चादर

रौनक लौट आयी भीनी भीनी खुशबु हवा में… Read More

मैं सरहद भी लांघ गया था

तुझसे मिलने की खातिर एक रोज़ मैं सरहद… Read More

हमारे बिना रह नहीं पाते

दिल तो तुम्हारा संभाले नहीं संभल रहा था… Read More