देश भक्ति कविता इन हिंदी

देश भक्ति कविता इन हिंदी

24 Jun देश भक्ति कविता इन हिंदी

Desh bhakti kavita in hindi

Swami Vivekanand ji

सुनोगे उस नोजवान की दास्तान ,
जिसने हमको डर से लड़ना सिखाया था |
डर किया है कुछ भी तो नहीं ,
हमें अच्छी तरह समझाया था |
सिंघनाद कर आगे बढ़ो ,
उठो, जागो और कुछ तो करो |
भक्त बनो पर कर्म भी तो करो |
यह पाठ पढाया था |
शिक्षा के सही अर्थ को सिखलाया था |
चरित्र निर्माण को सर्वोपरी बताया था |
कितने ही युवको के प्ररक थे वो ,
भगत , सुभाष , अरविन्द घोष
के विचारो के आधार |
उनसे प्रेरणा ले चुके जाने
कितने कलेक्टर बेमिसाल |
कुछ बनना चाहते हो जो
तो जानलो एक बात |
करो खुद पर विश्वास
और आगे बढ़ कर ,
बढाओ दूजे के लिए हाथ |
पढो विवेकानंद को
और ओढो उनके विचार |

Shaheed Bhagat Singh ji

Desh bhakti kavita in hindi

देश भक्ति कविता इन हिंदी

सनक थी कुछ कर जाने की
गोले बारूद उगाने की
दरिंदो की दरिंदगी की
शहादत का अर्थ समझाने की
गुजारिश माँ से किया करते थे
मिटटी का कर्ज चुकाने को
दिन रात तर्पा करते थे
कर्म उनका गीता का ज्ञान बना
चरित्र उनका उनकी ढाल बना
विवेकानन्द को पढ़
उन्होंने खुद पे विशवास था बढाया
हर आम में ख़ास होने का
एहसास था जगाया
छोटी सी उम्र में ऐसा काम कर गए
2 3 मार्च 1931 को वो दिलों में
हमारे अपना नाम कर गए

देश भक्ति कविता इन हिंदी

Desh bhakti kavita in hindi