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अब हार पे मुस्कुराना भी आ जायेगा

अब हार पे मुस्कुराना भी आ जायेगा
तेरे प्यार में रहे तो खिलखिलाना भी आ जायेगा
मुश्किलों से भला हम क्यूँ डरें
तेरा साथ मिला है जब से
आँखों में नए नए सपने से हैं भरे
आसान हो गया है अब जीना
वो वक़्त पीछे छुटा
जब रखना होता था होठों को सीना
अब गुनगुनाने में दिल बहल जाता है
तुम पास हो ना हो
जिक्र तुम्हारा खुद ही से हो जाता है
तेरे आने की दस्तक सुनते ही
दिन कब कैसे
इंतज़ार में तुम्हारे
हाथों से फिसल सा जाता है
अब तो तुमसे मिलके ही
यह दिल सुकयन को पाता है
कई दफा तनहा रातों में
तुम्हारी हसरत में
यह मन मचल भी जाता है
अब तो बहती हवाओं की धुन में भी
नाम तुम्हारा ही सुनने को
जी चाहता है

This post was last modified on September 9, 2017 10:19 am