जाने कहाँ गया वो रेत का बवन्डर

24 Jun जाने कहाँ गया वो रेत का बवन्डर

तमन्नाओ के सागर में हिलोरे
ले रही थी जिंदगी मेरी
अकेलेपन में भीगी हुई थी
आदते मेरी
फिर उनसे मुलाक़ात हो गयी
और वो हमारे साथ हो गयी
वो कहती रही हम सुनते रहे
फूल उनकी पसंद के चुनते रहे
हुआ ऐसा जो ना कभी देखा था
कुछ ऐसा जो ना कभी सोचा था
आज चारो ओर है खुशियों का समंदर
जाने कहाँ गया वो रेत का बवन्डर