बुरा ना मानो ……

25 Feb बुरा ना मानो ……

Funny shayari

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अर्ज़ किया है
भाभी जी घर पर हैं
और जीजाजी छत पर
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कुड़ी पंजाबी हो या बंगाली
मीठी हो या नमकीन
सुकून रूह तक दे जाती है
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सोफे पे बैठे
या तुम्हारी गोद मे
प्यार आता है तुमपे
सुबह की ओस में
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गुस्सा पी जाएंगे
ज़ाम के हाथ ना लगाएंगे
तू जो हाँ कह दे
तेरी बार अदा पे
मर मर के दिखाएंगे
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Scooter पे नहीं
Bike पे नहीं
अपनी cycle पर बैठाएंगे
और पूरा शहर घुमाएंगे

सरकारी पकोड़े

यह जन्म तो बेकार गया
जो किस्मत वाले थे
बैंक लूट ले गए
और हम मजबूर
Tax में छूट मांगते रह गए

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मध्यम वर्ग ने ठाना है
चाय और केतली को
फिर से नहीं आजमाना है

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Home loan की emi
क्या चूक गयी
लगा जैसे मेरी
किस्मत ही मुझसे रूठ गयी

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Funny shayari

4 साल पहले की बात है
एक गुनाह किया था
चाय पे चर्चा
करना स्वीकार किया था

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College तो हैं
पर पढ़ाई नही
बेसन तो है
पर तलने को कढ़ाई नही

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वो कहते थे
गंगा स्वच्छ , सुंदर
कर दिखलायेंगे
जापान की तकनीक
काम पर लगाएंगे
Bullet , metro
जगह जगह दौड़ाएंगे
बेरोजगारी क्या है
हम करोड़ो रोजगार
के द्वार खोल जाएंगे
काला धन
चुटकियों में वापस लाएंगे

शायद बड़बोले थे वो
पर हम बड़े नादान थे
कभी माध्यम वर्ग की
बात करने वाले
आज मध्यम वर्ग
की परेशानियों से
ही अनजान हैं

 

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बुरा ना मानो होली है

Funny shayari

लालू भ्रटाचारी हो गए
कहीं लाख तो कहीं करोड़
के घोटाले के पीछे
वो जवाबदेह थे
बस इसी कारण से
जेल को प्यारे हो गए
और अरबों का माल
बैंको की तिजोरियों से
उड़ाने वाले
विदेश को प्यारे हो गए
जवाबदेही जिनकी थी
हम उनकी चुप्पी पे
न्योछावर हो गए

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रोज़ सुबह
जब अखबार पढ़ते हैं
दिन में
जब समाचार सुनते हैं
रात में
जब social network
पर तफरी करते हैं

हम खामोशी से
अपने दिल की आवाज़ को
दबाने की चाह रखते हैं

 

Funny story as poetry

 

पहली मुलाक़ात:-

जो आज सही हैं,कल वो गलत थे , और जो गलत ,वो आज सही हो गए। ज़िन्दगी कब क्या सीखला जाए,इसका अंदाज़ा कोई कैसे लगाये । मोहब्बत में कोई दिमाग न लगाए , इश्क की हो जब बात तो कोई आँखों के पेंच कैसे न लड़ाएं । उनसे पहली मुलाक़ात करीब है । ज़रा अपने दिल थामियेगा । गहरे हरे रंग के सलवार सूट में वो स्कूटर की पिछली सीट पर बैठी थीं । पिताजी की उनके निगाहें हम पर थीं , और हमारी उन पर।

हॉर्न बज रहा था , मोहल्ला भीड़ से सज रहा था ।

हमारा मन चहक रहा था । भटके हुए राही को मंजिल का साया दिख रहा था । हमें उम्मीद है इस दफ़ा मोहब्बत की हवा ज़ोर से लहराएगी । हमें और उन्हें एक बंधन में बांध जायेंगी। कोई कुछ कहे इस बार रंगों की बरसात हमारे आँगन में खेलेगी। हमारी ख्वाहिशों को पहले की तरह ,कहीं और ना दखेलेंगी। ऐसा लग रहा है मानो दिन में चाँद निकला है सैर को , जो सामने आएगा उस आशिक़ की खैर हो।

दूसरी मुलाक़ात:-

कायदों में बांध नहीं सकती कोई दीवार आशिकों को ,उन्हें सुनायी दे जाती है हर आवाज़ जिस मोहल्ले में उनकी जान हाज़िर हो। हम चल पड़े हैं उस छत की ओर जहां से नज़र आती थी उनकी झलक ,हम मोड़ चले अपने कदमों को उन राहों पर,जहां से गुजर जाती थी वो एक दफ़ा। अब तो हर शाम हो रही थी ख़ास । उनसे मिलने को करने लगे हम गुरूद्वारे में अरदास। माना हम और वो खामोश थे । फिर भी किसी डोर से बंधे , एक दूजे के लिए हम खास थे । हम मुड़े ही थे , की आवाज़ एक सुनायी पड़ी । पलट के देखा तो ,उनकी आँखों में चमक गहरा गयी ।

हमारी आँखों में देख वो ज़रा शर्मा गयीं ।

मन में लहरे उठ रही थीं । उनसे कुछ कहने की चाह दिल के हर कोने में हो रही थी । वो पलटी ,हमारे हाथों में प्रसाद रखा और बाहर की ओर चल दी। हम सोच में पड़ते ,उससे पहले ही एक आवाज़ हमें सुनायी दी ,वो कह रहीं थीं हमसे प्रसाद स्वादिष्ट है ना।
तीसरी मुलाक़ात :जैसे तैसे हमारी रूबरू मुलाकात हुई । मैंने उन्हें एक रेस्तरां में मिलने बुलाया । पहले तो उन्होंने खूब ना कही पर आखिर में वो मान ही गयी । मिलने की बात पे उनका घबराना वाजिब था । शहर में हमारा चेहरा तो अनजाना ही था।
पर उनके लिए आना आसान नहीं था ।

अरे यह किया वो आयी मगर ……………………….
मगर…………………………………………………..

अपनी माँ के संग । मेरी तो हवाईयां ही उड़ गई । समझ ही नहीं आ रहा क्या करूँ कहाँ जाऊं । आंटीजी ने पूछा बेटा कैसे हो सुमन ने मुझे तुम्हारे बारे में बताया की तुम इसे पसंद करते हो ,और शादी की बात करना चाहते हो । अब तुम्हे क्या बताऊँ बेटा मेरी बेटी सुमन तो बड़ी ही शर्मीली है । इसीलिए जब तुमने इसे मिलने के लिए बुलाया तो यह बेचारी…..😉😉😉 funny shayari