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किस चिंता में मैं दौड़ चला

किस चिंता में मैं दौड़ चला उस बेरंग दिशा की और देखा तो शर्मिंदा हुआ सोच में पड़ा क्यों पकड़ी… Read More

मेरी पहचान

कभी-कभी मन में आता है की सब शोर शांत हो लिए , कहीं दूर जाएँ और खुद से मुलाक़ात कर… Read More

अब हार पे मुस्कुराना भी आ जायेगा

अब हार पे मुस्कुराना भी आ जायेगा तेरे प्यार में रहे तो खिलखिलाना भी आ जायेगा मुश्किलो से भला हम… Read More

आओ इंसानियत सिख ले

किस्मत भी क्या - क्या खेल  खिला रही | रोते हुए को हंसा रही | कहीं जख्मों पर मरहम लगा… Read More