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life

किस चिंता में मैं दौड़ चला

किस चिंता में मैं दौड़ चला उस बेरंग दिशा की और देखा तो शर्मिंदा हुआ सोच में पड़ा क्यों पकड़ी… Read More

दिल की भी तुम सुना करो

भविष्य को सवारने की खातिर एक कदम बढाओ खुद की सोच को उस काबिल बनाओ परवाह अपने सपनो की किया… Read More

संभाला तुम्ही ने अपने आँचल में

मेरी हर हार के बाद आयी तेरे होठों पे मुस्कान मेरे सूखे प्याले में भर जाए खुशियाँ कुछ ऐसे थे… Read More

इतिहास के पन्नो पे

मस्ती का माहौल था पुरा दौर लिखा जा रहा था इतिहास के पन्नो पे एक गीत गुनगुना रहा था मीत… Read More

हम चले जाते हैं…….

जीवन में उचाईयों की ख्वाहिश , हमें तन्हा कर जाती हैं , अपनों से दूर बहुत दूर ले जाती हैं… Read More