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23 Jun

आशिकों के अंजुमन में

हुस्न भी गजब है
और रुत भी
पानी की बूंदों सी
छलक रही थी तुम भी
टप टप बरस रही थी
बारिश सी
मन में जाग उठी
ख्वाहिश सी
क्यों ना बह चले इन पलो में
शामिल हुए अब हम भी
आशिकों के अंजुमन में

22 Jun

हमारा कोई ख्वाब नहीं

Romantic shayari

Hamara koi khwab nahi

मैं इस तरफ
तुम उस तरफ
और कुछ ही पल पहले
हमने देखे
वो रंग तुम्हारे रुपहले
जी चाह रहा था
रंग में तुम्हारे रंग जाने को
एक मन था संग तुम्हारे
बादलो से घिर जाने को
कुछ रहा नहीं अब कह जाने को
वक़्त हो गया था
दूर तुमसे जाने का
तुम सामने ही थी और
ढूंड रहा था मैं वजह
दिल को तुम्हारे बहलाने का
मन नहीं था
तुम्हे अलविदा कहने का
उस दर्द को फिर से सहने का
माना हम तुम साथ नहीं
ऐसे जीना आसान नहीं
सच कहें
तुम हमारी अर्धांगिनी हो
हमारा कोई ख्वाब नहीं

Hamara koi khwab nahi

 

22 Jun

मेरा मकसद था

कहती हो एहसान
मेरी चाहत से अनजान
लगती हो नादान
ज़रा सुनो
यह प्यार भरा फरमान
अब कुछ भी हो जाए
चाहे हम कितना भी सतायें
या हम तुमसे रूठ जाये
तुम झुकना नहीं
कहने से चूकना भी नहीं
गुनाह को मेरे मैं कुबूल करूूँगा
फिर कभी दोबारा
ना मैं तुमसे लडूंगा
सिर्फ इश्क करूूँगा
इश्क करूूँगा…….
पर इस बात से इत्तेफाक रखना
मेरा मकसद था
बस इक तुम्हारा ख्याल रखना