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अपने प्यार की खातिर

Romantic shayari New shayari status अपने प्यार की खातिर मैं निकल चुका था जिन्दगी की धुप-छाँव में बिखर चुका था इरादों को सहेजने की खातिर टूट चुका था अंदाज मेरे कुछ जुदा जुदा ही थे शायद उस पल को मेर संग खुदा ही थे प्रेरणा जीने की सपनों की इमारत खड़ी करने की जिद्द जाने कहाँ से आयी रूकावटो की हद भी हमने दूर भगायी पाने तुम्हे निकले थे नसीब में हमें मिली खुदायी जिन्दगी रोशन हुई हमारे प्यार को मिली गहरायी   New shayari status   हम मस्त कलंदर एक नग जो नथनी बना बैठा है काजल से तुम्हारी ऐठा ऐठा है कंगन भी कुछ कम नहीं पहला दूजे से रूठा बैठा है पायल भी तुम्हारी याद में हमारी गा रही क़वाली मेरी मासूम कली मिश्री की डली रूठो न यूँ की सूना सूना सा हो जाता है मंजर ज़रा हंस भी दो की हो जाये हम मस्त कलंदर हमारी जहाँआरा New shayari status महसूस कुछ यूँ किया है पी रहा हूँ अमृत जिसका जिक्र हमने आज पहली ही दफा किया है अब जैसे हर पल  को खुल के जिया है किस्सा कुछ ऐसा ही है हमारा हिस्सा हो चुके हैं हम तुम्हारा बड़ी खूबसूरत है हमारी जहाँआरा आदतें हमारी तुम पहचानती हो तसवीरें बोल पड़ेंगी तकदीरें जाग उठेंगी बजने लगेंगी शेहनाईयां लुट जाएँगी तनहाइयाँ जब जब नज़रें तुम्हारी हम से मुलाकातें करेंगी आदतें हमारी तुम पहचानती हो दूरियां हैं क्यूँ यह भी जानती हो और क्या चाहे खुद से जब तुम हमें अपना मानती हो हीर राँझा काअवतार हो New shayari status जो इश्क में हैं होते वो वक़्त को जाया यूँही नही किया करते जहां से हैं गुजरते लोग उन जैसा होने हैं लगते बादल भी हैं जब जब बरसते मोहब्बत को भीगाने को हैं तरसते और प्यार में डूबना तो है एक कला जो डूबा वो अपने खुदा से जा मिला ज़रा ढूंढो अपने प्यार को और जो ढूढ़ चुके हो तो ज़रा समझो अपने यार को महसूस करो उसके दीदार को रब करे प्यार तुम्हारा सदाबहार हो क्या पता तुम ही में अगले हीर राँझा का अवतार हो खुदा करे खुशियाँ तुम्हारे जीवन में बेशुमार हो New shayari status इन्द्रधनुष के सातोंरंग अंदाज़ ए वफ़ा कुछ ऐसा होगा तेरा पल पल इन आँखों में बयां होगा रोम रोम मेरा फिर से जवां होगा ऐसा समा ओर कहाँ होगा जब हम तुम होंगे संग ढूंढ लेंगे हमें इन्द्रधनुष के सातों रंग बज उठेंगे ताल और मृदंग जश्न में डूबेंगे हम और हमारी हमदम   Read More

जब भी कोई ख्वाब पूरा हुआ

जब भी कोई ख्वाब पूरा हुआ मेरा मन जैसे सुनहरा-सुनहरा हुआ तुमसे जब जब मिलना हुआ जहन में मेरे एक सवाल पुख्ता हुआ की इतना हसीना ख्वाब मेरा न जाने कैसे हुआ किस तरह न जाने मेरा मुकद्दर मुझपे मेहरबान हुआ कैसे मेरे नसीब में फूलो का गुलिस्ता हुआ कौन से कर्म की या मेर धरम की न कहना अब की मैनें लिखने में शर्म की तुम मिली मुझे क्यूकि खुदा ने मुझ पर रहमत की Read More

प्यार में तुम्हारे दीवाने हुए

प्यार में तुम्हारे दीवाने हुए इस दुनिया में रहने के काबिल हुए बातो में तुम्हारी शामिल हुए जैसे खुदा की खिदमत में हाजिर हुए फिर क्यूँ कहती हो हम जालिम हुए बस कुछ पलो के लिय ही सही आज हम तुममे शामिल हुए          प्रेम खत मेरी प्रिय, मेरी जानेमन यह कोई इतेफ़ाक नही की हम तुम मिले एक दूजे के हुए| यह सृष्टि की ख्वाहिश थी | हर फुल की गुजारिश थी | जिन्दगी तो दो पल की  भागदौड हैं| बस प्यार से तुन्हारे यह जीवन सराबोर है | लिखने की ख्वाहिश भी तुम ही से, कुछ करने की चाहते भी तुम ही से| जिन्दगी यूँही गुजर जायेगी, तुम्हारी जुल्फों की छांव में | तुम्हारा प्रियतम Read More

काश तुम मुझपे विश्वास कर सकती

काश दिल की बातें दिल में न रहती काश मेरी ख्वाहिशे बन कागज की कश्ती यूँ ही दरिया में न बहती काश मेरे दर्द की कसक सीने में तेरे न चुभती काश मेरे आँखों की नमी तेरी आँखों में न उतरती काश की तुम उस पल को मेरे आस-पास ही होती काश मेरी शामें यूँ तनहा तनहा सी न होती काश की तुम हालातों को मेरे यूँ दरकिनार न करती Read More

जिन्दगी में

कुछ ख्वाब अधूरे रह गए| मौत की ख्वाहिश में न जाने कितने पल जीवन से महरूम रह गए| हाथ कुछ ना आया और हम मजबूर हो गए| बेबस समझ खुद को जाने क्यों दुनिया को अलविदा कह गए| मौत कि तलाश में किसी के प्यार में हम गुमनाम हो गए| परछायी से खुद ही की हम पूछ रहे, क्यों अब तलक हमारे साथ है| जिस कि ख्वाहिश हमने की वो आज किसी और की परछायी है| हमारी गुमनामी जीवन मे उनके क्या खुब रंगत लेकर आयी है| Read More