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bahut pyar karte hain shayari
11 Sep

Bahut Pyar karte hain shayari

bahut pyar karte hain shayari

love shayari

Best short hindi poems

 

वो आज भी मेरे ज़हन में कुछ

इस कदर समाया हुआ है

जैसे अपनी रूह को मेरी रूह में

छुपाया हुआ है

यूँ तो एक अरसा गुजर गया

उसकी याद को दिल से

मिटाये हुए

फिर भी मेरा हर एक लफ्ज़

जैसे उसी का सिखाया हुआ है

bahut pyar karte hain shayari

तेरी यादो के झरोखे हर तरफ |

हमारी मोहब्बत के चर्चे हर तरफ |

हम और तुम अब हुए हम -तुम |

तेरे आने की दस्तक सुनी है जब से |

हम खुद ही के काबू में नहीं हैं तब से |

 

Best short hindi poems

11 Aug

सपनों की दुनिया

सपनों की दुनिया

में हकीकत के फ़साने

बंद आँखों के सपने

होते हैं लुभावने

दुनिया क्या जाने

मेरे सपनों की कीमत

मेरी मोहब्बत ही है

मेरी ज़ीनत

क्या कह रहा हूँ

क्या सोचा रहा हूँ

हकीकत से

दो दो हाथ कर रहा हूँ

एक गैर की चाहत में

दिन रात एक कर रहा हूँ

उस खुदा की रहमत हो

बस यही इन्तजार कर रहा हूँ

बस कुछ करने की ख्वाहिश थी

पर अपनों की खातिर

आज उनके ख्वाबो को जी रहा हूँ

10 Aug

मैं तुमको चाह कर भी

मैं तुमको चाह कर भी

चाह ना सका

मैं तुमको पा कर भी

पा न सका

अब अंधेरे में तुम्हारी

जुस्तजू की

क्यूँ फिर हमने तुम्हारी आबरू

की कद्र ना की

सब्र कैसे करे की

हम सदमे में हैं

किससे कहें

बेहतर होता की

वक्त पे काबू रख पाते

हम उन पलो के

दाग धो पाते

काश तुम जब भी कही जाती

हम तुम्हारे साथ हो जाते

17 Jun

दिल की दरख्वास्त

इस रूह का एक ही मकसद
इश्क में जियें
इश्क में खिलें
इश्क में उडें
इश्क में डाले
एक दूजे की बाहों में
बाहों के हार
नज़रों में तेरी करें
अपनी मंजिलो की तलाश
और बह चले
उन हवाओं की सनसनाती रुत में
जहां हो तो सिर्फ तेरे प्यार की प्यास
कुछ ऐसी ही है
इस छोटे से दिल की दरख्वास्त

17 Jun

मेरी आह निकल रही

कशिश तेरी आखों की
मेरे दिल में
यूँ जगह कर रही
दबी जबान से जैसे
मेरी आह निकल रही
मुस्कान तुम्हारी
होठों पर कुछ यूँ बिखर रही
बड़ी मुश्किल में हैं
हमारी जान
देखो अब कहीं जाके
हमारी सांसें संभल रही

17 Jun

कुछ कहना चाह रही थी

आज वो फिर नज़र आयी
धुंधलाती सी तस्वीर में
रंगों की रंगत ने
जैसे करामात दिखलाई
आज कुछ नया सा एहसास है
उसके हाथों में फिर मेरा हाथ है
लकीरों को खिंचने की चाहत लिए
वो खिलखिलायी
और वो हमारे करीब आयी
नदियों की धारा को लिए
वो बहती ही जा रही थी
धीरे धीरे आँखों में उसकी
शर्म सी छा रही थी
शायद
शायद वो
कुछ कहना चाह रही थी
आज वो हमें फिर से अपना
बना रही थी

17 Jun

राहों में तेरी

वक़्त तो वक़्त है
गुजर जायेगा
पानी भी अपनी राह
खुद ही बनाएगा
राहों में तेरी
मेरा आना
यूँही लगा रहेगा
कोई कुछ कहे
मेरा प्यार तुम्हे
यूँही मिलता रहेगा
जमाने गुजर जायेंगे
हम तुम फिर ना जाने
कितनी दफा
लौट लौट कर आयेंगे

17 Jun

दिला देती है एहसास

सफ़र ये आसान नहीं
जब हमदम साथ नहीं
कहीं बादल हैं
पर बरसात नहीं
कहीं उसके थमने के
आसार नहीं
हर ओर से जो
हो चुके थे निराश
आज उनको है अपनी
मंजिल की तलाश
जब लगती है प्यास
सबको होती है एक बूंद
से भी बड़ी सी आस
दिला देती है एहसास
कौन है कितना ख़ास

17 Jun

Lonely Lonely

कितने lonely lonely रहते हैं
तेरे बिना
कर ले यकीन जो भी हम कहते है
ए मेरी हिना
तेरे लबों पे ख़ामोशी
हम क्यूँ सहें
पानी बिन सागर
भला कैसे रहे
तड़प रहे हैं पल पल
कैसे कहें
बन पानी आँखों से तुम्हारी
हम यूँ बहें
की होश में ना तुम रहे
ना हम रहे

17 Jun

वक़्त कुछ ऐसा बदला

तुझसे मिलने में वो बात है
की भीगे मेरे ज़ज्बात हैं
एक ऐसा मुकाम जो
तेरे साथ साथ
हम पा गए
साथ मिला तेरा
और हम खुद को
खुद ही से हार गए
एक वक़्त था जब
खुदा से मिलने की खातिर
राहो को अपनी हम निहार रहे थे
वक़्त कुछ ऐसा बदला
हवा ने रूह कुछ यूँ पलटा की
हम जुल्फे तुम्हारी संवारने में
वक़्त अपना गुजार रहे थे