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Shayaris from Bollywood Movies in Hindi

Bollywood Shayari Hindi Mai

Bollywood Shayari     Hum aapke Hain Kaun   काटे नहीं कट-ते लम्हे इंतज़ार के, नज़रें बिछाए बैठे हैं रस्ते पे यार के, दिल ने कहा देखे जो जलवे हुस्ने यार के, लाया है उन्हें कौन फ़लक से उतार के   Raaz   गर्मीए हज़रत के नकाम से जलते है, हम चिरागों की तरह शाम से जलते है. जब आता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ, ना जाने क्यों लोग  हमारे नाम से जलते है   bollywood shayari hindi mai   Pyar ka tohfa   प्यार ने ये कैसा तोहफा दे दिया, मुझको गमो ने पत्थर बना दिया. तेरी यादों मैं ही कट गयी ये उमर, कहता रहा तुझे कब का भुला दिया   Dil Ka Khel   जिसने हमको चाहा, उसे हम चाह ना सके. जिसको हमने चाहा, उसे हम पा ना सके. ये सोच लो की, दिल टूटने का खेल है किसी का तोडा और, अपना बचा ना सके.   Tum   तुम मिलो न मिलो,न मिलने का ग़म नहीं, तुम पास से ही गुजर जाओ, मिलने से कम नहीं. माना कि तुम्हे हमारी कद्र नहीं, मगर उनसे पूछो जिन्हे हम हासिल नहीं   Barsaat   उन्हें लगता है के हमें आदत है मुस्कुराने की, वह बेवफा यह भी न जाने यह अदा है ग़म छुपाने की   Fanaa   रोने दे तू आज हमको तू आँखे सुजाने दे, बाहों में लेले और खुद को भीग जाने दे. है जो सीने में क़ैद दरिया वह छूट जायेगा, है इतना दर्द कि तेरा दामन भीग जायेगा   Bollywood Shayari hindi sms   Ghajani बस अब एक हाँ के इंतज़ार में रात यूँही गुज़र जायेगी, अब तोह बस उलझन है साथ मेरे नींद कहाँ आएगी, सुबह की किरण न जाने कौनसा सन्देश लाएगी, रिमझिम इस गुंगुनायेगी या प्यास अधूरी रह जायेगी Sharaabi आज उतनी भी नहीं मेह्खाने में , जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में… Jab tak Hai Jaan तेरी आँखों की नमकीन मस्तियाँ तेरी हँसी की बे परवाह गुस्ताखियाँ तेरी जुल्फों की लहराती अंगड़ाइयाँ नहीं भूलूंगा मैं जब तक है जान, जब तक है जान तेरा हाथ से हाथ छोड़ना तेरा सायों का रुख मोड़ना तेरा पलट के फिर न देखना नहीं माफ़ करूँगा मैं, जब तक है जान, जब तक है जान बारिशों में बेधड़क तेरे नाचने से बात बात पे तेरे बेवजह रुठने से छोटी छोटी तेरी बचकानी बदमाशियों से मोहब्बत करूँगा मैं जब तक है जान, जब तक है जान तेरे झूठे कसमें वादों से ,तेरे जलते सुलगते खावो से तेरी बेरहम दुआओं से नफरत करूँगा मैं जब तक है जान, जब तक है जान Raaz गर्मीए हज़रत के नकाम से जलते है हम चिरागों की तरह शाम से जलते है… जब आता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ ना जाने क्यों लोग हमारे नाम से जलते है       Read More

bollywood Shayari hindi me

Bollywood Shayari Haseena Parkar लोगो ने इज़्ज़त बख़्शी मैंने क़ुबूल की मुझे इस बात का अफ़सोस नहीं है की मैं तुझे नहीं जानती ... इस बात का अफ़सोस है की तू मुझे नहीं जानती   छोटे कामों में धमकाने के लिए मैं कोई गली का गुंडा नहीं थी ... पर मेरे घरवालों को कोई चोट पहुंचाए तो ख़ामोशी सहने के लिए मैं कोई संत भी नहीं थी Once upon a time in mumbai हमारी तसवीरें खींच के अपनी दूकान में लगा लेना ... कभी ज़रुरत पड़े, तो दोनों में से एक भगवन चुन लेना   मैं उन चीज़ों की स्मगलिंग करता हूँ, जिनकी इजाज़त सरकार नहीं देती ... उन चीज़ों की नहीं, जिनकी इजाज़त ज़मीर नहीं देता   रास्ते की परवाह करूंगा तो ... मंज़िल बुरा मान जायेगी   आदमी तभी बड़ा बनता है ... जब बड़े लोग उससे मिलने का इंतज़ार करे   दुआ में याद रखना   मुश्किल तो यह है कि मैं अभी ठीक तरह से बिगड़ा भी नहीं ... और तुमने सुधारना शुरू कर दिया   चौकियां चाहे पुलिस की हो ... शहर के कमिश्नर तो हम ही लोग है   जो अपनी माँ की इज़्ज़त नहीं करते ... मैं उनका बाप बनकर आता हूँ   ज़िन्दगी हो तो स्मगलर जैसी ... सारी दुनिया राख की तरह नीचे और खुद धुंए के तरह ऊपर      Ghajani बस अब एक हाँ के इंतज़ार में रात यूँही गुज़र जायेगी, अब तोह बस उलझन है साथ मेरे नींद कहाँ आएगी, सुबह की किरण न जाने कौनसा सन्देश लाएगी, रिमझिम इस गुंगुनायेगी या प्यास अधूरी रह जायेगी   Sharaabi आज उतनी भी नहीं मेह्खाने में , जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में… Jab tak Hai Jaan तेरी आँखों की नमकीन मस्तियाँ तेरी हँसी की बे परवाह गुस्ताखियाँ तेरी जुल्फों की लहराती अंगड़ाइयाँ नहीं भूलूंगा मैं जब तक है जान, जब तक है जान   तेरा हाथ से हाथ छोड़ना तेरा सायों का रुख मोड़ना तेरा पलट के फिर न देखना नहीं माफ़ करूँगा मैं, जब तक है जान, जब तक है जान   बारिशों में बेधड़क तेरे नाचने से बात बात पे तेरे बेवजह रुठने से छोटी छोटी तेरी बचकानी बदमाशियों से मोहब्बत करूँगा मैं जब तक है जान, जब तक है जान   तेरे झूठे कसमें वादों से ,तेरे जलते सुलगते खावो से तेरी बेरहम दुआओं से नफरत करूँगा मैं जब तक है जान, जब तक है जान Raaz गर्मीए हज़रत के नकाम से जलते है हम चिरागों की तरह शाम से जलते है… जब आता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ ना जाने क्यों लोग हमारे नाम से जलते है   Heer Ranjha   उससे कहना कि तुम मेरा एक ख्वाब हो, जो चमकता है दिल में वो माहताब हो ... उससे कहना के गेहुओं के खेतों का रंग, तिलमिलाती हुई तितलियों की उमंग... उससे कहना के झरनों का चंचल शबाब, घाट की ताज़गी, आबरू-ऐ-जनाब ... उससे कहना के झूलों की अंगड़ाइयां और उड़ते दुपट्टों की श्रेणियां ... उससे कहना कि चक्की के गीतों की आग, लड़खड़ाती जवानी, मचलता सुहाग ... उससे कहना के दुलहनों के काजल… Read More