प्यार में तुम्हारे दीवाने हुए

07 Aug प्यार में तुम्हारे दीवाने हुए

प्यार में तुम्हारे दीवाने हुए

इस दुनिया में रहने के काबिल हुए

बातो में तुम्हारी शामिल हुए

जैसे खुदा की खिदमत में हाजिर हुए

फिर क्यूँ कहती हो

हम जालिम हुए

बस कुछ पलो के लिय ही सही

आज हम तुममे शामिल हुए

         प्रेम खत

मेरी प्रिय,

मेरी जानेमन यह कोई इतेफ़ाक नही की हम तुम मिले एक दूजे के हुए| यह सृष्टि की ख्वाहिश थी | हर फुल की गुजारिश थी | जिन्दगी तो दो पल की  भागदौड हैं| बस प्यार से तुन्हारे यह जीवन सराबोर है | लिखने की ख्वाहिश भी तुम ही से, कुछ करने की चाहते भी तुम ही से| जिन्दगी यूँही गुजर जायेगी, तुम्हारी जुल्फों की छांव में |

तुम्हारा प्रियतम