हसरतों की ख्वाहिशो में

15 Aug हसरतों की ख्वाहिशो में

हसरतों की ख्वाहिशो में

नम आँखों की चाहतो में

रूह की खामोशियो में

तुम्ही बताओ भला

कौन रहता हैं

साथ जिसका

हर पल चाहे

तरसे जिसको

हमारी बाहें

उन यादो में कहो तो भला

कौन रहता है

समझों जरा इशारे

हम तुम संग हैं

नही कोई सागर के किनारे

जो तडपते रहेगे

एक दूजे को निहारे

न कोई दूरी है

न ही कोई मजबूरी

सिमट रही है दुनिया मेरी

चाहतों में तुम्हारी